अजीत डोभाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए युद्ध की वास्तविकता पर प्रकाश डाला
युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश
दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में अजीत डोभाल का संबोधन
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने शनिवार को नई दिल्ली में विकसित भारत यंग लीडर्स कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युद्ध का उद्देश्य किसी देश का मनोबल तोड़ना होता है, ताकि वह हमारी शर्तों पर आत्मसमर्पण कर सके।
उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि इच्छाशक्ति को बढ़ाना आवश्यक है, क्योंकि यही इच्छाशक्ति राष्ट्रीय शक्ति में परिवर्तित होती है। डोभाल ने यह भी स्पष्ट किया कि युद्ध केवल दुश्मन के प्रति संतोष पाने के लिए नहीं लड़े जाते।
मनोबल का महत्व
डोभाल ने कहा कि वर्तमान समय में हो रहे संघर्षों में कई देश अपनी इच्छाओं को थोपने के लिए बल का प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यदि कोई देश इतना शक्तिशाली है कि उसका विरोध न किया जा सके, तो वह हमेशा स्वतंत्र रहेगा। लेकिन, यदि संसाधन और हथियार हों, पर मनोबल न हो, तो सब व्यर्थ हो जाता है।
पूर्वजों के बलिदान का महत्व
उन्होंने यह भी कहा कि मनोबल बनाए रखने के लिए मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता होती है। डोभाल ने हमारे पूर्वजों के बलिदानों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज का स्वतंत्र भारत हमेशा से ऐसा नहीं था। हमारे पूर्वजों ने अपमान सहा और कई कठिनाइयों का सामना किया।
इतिहास से सीखना
डोभाल ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें अपने इतिहास का बदला लेना है। उन्होंने कहा कि हमें अपने अधिकारों और विचारों के आधार पर एक महान भारत का निर्माण करना है। हमारी सभ्यता हमेशा से विकसित रही है, और हमें अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना चाहिए।
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