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अनिल अंबानी और रिलायंस पावर पर ED का बड़ा छापा, मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस पावर पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में छापेमारी की है। यह कार्रवाई मुंबई और हैदराबाद में की गई, जहां 15 विशेष टीमों ने गुप्त ठिकानों पर धावा बोला। इस छापेमारी के बावजूद रिलायंस पावर के शेयरों में वृद्धि देखी गई, जो निवेशकों के लिए चौंकाने वाली बात है। इस मामले का संबंध यस बैंक घोटाले से भी है, जिसमें अनिल अंबानी और यस बैंक के पूर्व प्रमुख राणा कपूर के बीच अवैध सौदों का आरोप है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
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अनिल अंबानी और रिलायंस पावर पर ED का बड़ा छापा, मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप

मुंबई में ED की छापेमारी

मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज सुबह देश के प्रमुख उद्योगपति अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस पावर लिमिटेड के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है, जिससे कॉर्पोरेट क्षेत्र में हलचल मच गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईडी की लगभग 15 विशेष टीमों ने सुबह-सुबह मुंबई और हैदराबाद में 10 से 12 गुप्त स्थानों पर अचानक छापे मारे। यह कार्रवाई रिलायंस पावर से जुड़े प्रमुख व्यापारियों के आवासों और कार्यालयों पर की जा रही है। हालांकि, जांच में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचने के लिए एजेंसी ने अभी तक उन विशेष स्थानों का खुलासा नहीं किया है जहां यह व्यापक तलाशी अभियान चल रहा है।


शेयर बाजार में अजीबोगरीब गतिविधि

छापेमारी के बीच शेयर बाजार का चौंकाने वाला खेल

इस अचानक हुई रेड की खबर ने बाजार में हलचल पैदा कर दी है, लेकिन इसके बावजूद रिलायंस पावर के शेयरों में लगभग 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो 23 रुपये के स्तर पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों ने भी 4 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दिखाई और यह 94.20 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। यह बाजार का यह रुख कई वित्तीय विशेषज्ञों को चौंका रहा है।


मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप

मनी लॉन्ड्रिंग का जाल और 'अबोड' की जब्ती

सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई रिलायंस पावर में संदिग्ध फंड ट्रांसफर और बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के चलते की जा रही है। यह रेड अचानक नहीं हुई है; पिछले महीने, फरवरी 2026 में, ईडी ने 40,000 करोड़ रुपये के रिलायंस कम्युनिकेशंस (आर-कॉम) बैंक धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में कार्रवाई की थी। तब एजेंसी ने अनिल अंबानी के मुंबई के पॉश पाली हिल क्षेत्र में स्थित 3,500 करोड़ रुपये के आलीशान घर 'अबोड' को कुर्क कर लिया था।


यस बैंक घोटाले से संबंध

यस बैंक घोटाला: बंद कमरों में रची गई थी 'नुकसान के बदले फायदे' की साजिश!

इस मामले के तार कुख्यात यस बैंक घोटाले से भी जुड़े हुए हैं। पिछले साल दिसंबर 2025 में, ईडी ने यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर से अनिल अंबानी समूह को दिए गए संदिग्ध लोन के मामले में लंबी पूछताछ की थी। जांच अधिकारियों के अनुसार, राणा कपूर और अनिल अंबानी के बीच 'नुकसान के बदले फायदे' (क्विड-प्रो-क्वो) का एक गुप्त और अवैध सौदा हुआ था। जब राणा कपूर यस बैंक के शीर्ष पद पर थे, तब रिलायंस एडीएजी ग्रुप पर बैंक का जोखिम एक साल (2017 से 2018) में 6,000 करोड़ से बढ़कर 13,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया था।


बैंक को हुआ बड़ा नुकसान

बैंक को लगा 3,300 करोड़ का चूना

आरोप बेहद गंभीर हैं। बताया जा रहा है कि इन दोनों दिग्गजों ने इन अवैध समझौतों को अंजाम देने के लिए कई निजी बैठकें की थीं, जिनमें यस बैंक के अन्य शीर्ष अधिकारियों को जानबूझकर बाहर रखा जाता था। यस बैंक ने एडीएजी समूह की रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया, जो बाद में पूरी तरह डूब गया। इसके बदले में एडीएजी समूह ने राणा कपूर के परिवार द्वारा नियंत्रित कंपनियों को भारी लोन दिए। इस पूरे मामले में यस बैंक को लगभग 3,300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिसका खामियाजा आम निवेशकों ने उठाया।