अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ा तनाव, 40 सैनिकों के हताहत होने की खबर
सीमा पर संघर्ष की ताजा घटनाएँ
काबुल/इस्लामाबाद: अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं, जहां रातभर हमले और जवाबी कार्रवाई की घटनाएँ सामने आई हैं। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बाजौर जिले में सुरक्षा बलों पर हमले की सूचना मिली है। प्रारंभिक रिपोर्टों में 40 सैनिकों के हताहत होने का दावा किया गया है, लेकिन आधिकारिक तौर पर इस संख्या की पुष्टि नहीं हो सकी है।
बाजौर जिले की स्थिति
बाजौर जिला, जो अफगानिस्तान की सीमा से सटा हुआ है, लंबे समय से उग्रवादी गतिविधियों का केंद्र रहा है। प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने पहले भी पाकिस्तान के सुरक्षा बलों पर कई हमलों की जिम्मेदारी ली है। हालिया हमलों के संबंध में भी कई दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
अफगानिस्तान की प्रतिक्रिया
अफगान पक्ष ने भी सीमा पार जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। अफगान रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इनायतुल्लाह ख्वाराजमी ने कहा कि यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा किए गए कथित हमलों के जवाब में की गई। कुछ रिपोर्टों में इस्लामाबाद और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है, लेकिन पाकिस्तान ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है।
क्षेत्र में बढ़ता तनाव
इससे पहले भी दोनों देशों के बीच सीमा पर हवाई हमलों और ड्रोन हमलों के आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। हालिया घटनाओं के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। दोनों पक्षों से भारी गोलीबारी और नुकसान की खबरें आ रही हैं, लेकिन स्थिति को लेकर आधिकारिक और स्वतंत्र स्रोतों से भिन्न दावे सामने आ रहे हैं।
सऊदी अरब के साथ बातचीत
इस बीच, अफगानिस्तान इस्लामी अमीरात के विदेश मंत्री मौलवी अमीर खान मुत्तकी ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय स्थिरता और अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच मौजूदा हालात पर चर्चा की।
बातचीत के दौरान तनाव कम करने, संवाद को प्राथमिकता देने और मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया गया। सऊदी पक्ष ने क्षेत्रीय स्थिरता के लिए राजनयिक प्रयासों को जारी रखने की बात कही, जबकि अफगान पक्ष ने अपने कदमों को रक्षात्मक बताया और संवाद के माध्यम से समाधान की आवश्यकता दोहराई। वर्तमान स्थिति को लेकर दोनों देशों के बीच आधिकारिक बयान और दावे जारी हैं। स्वतंत्र पुष्टि और विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।
