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अमरनाथ यात्रा 2026: बर्फ से बने शिवलिंग की पहली झलक और यात्रा की तैयारियां

अमरनाथ यात्रा 2026 की तैयारियों के बीच बर्फ से बने शिवलिंग की पहली तस्वीरें सामने आई हैं। यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगी। इस साल साढ़े तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। जानें यात्रा मार्ग की स्थिति, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और सुरक्षा उपायों के बारे में।
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अमरनाथ यात्रा 2026: बर्फ से बने शिवलिंग की पहली झलक और यात्रा की तैयारियां

जम्मू में शिवलिंग की पहली तस्वीरें


जम्मू: अमरनाथ यात्रा के आरंभ होने से पहले बर्फ से निर्मित शिवलिंग, जिसे बाबा बर्फानी कहा जाता है, की पहली तस्वीरें सामने आई हैं। इन तस्वीरों में यह स्पष्ट है कि शिवलिंग का आकार लगभग 6 से 7 फीट हो चुका है। तस्वीरों में सुरक्षा बल के जवान शिवलिंग के दर्शन करते हुए दिखाई दे रहे हैं। अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होकर 9 अगस्त 2026 तक चलेगी।


अमरनाथ यात्रा की वर्तमान स्थिति

अमरनाथ यात्रा के मार्ग में सामान्य स्थानों पर 6 से 8 फीट और हिमस्खलन वाले क्षेत्रों में 10 से 12 फीट तक बर्फ जमी हुई है। बालटाल मार्ग पर 9 किलोमीटर और नुनवान-पहलगाम पर 8 किलोमीटर ट्रैक से बर्फ हटाई जा चुकी है। ट्रैक को 12 फीट चौड़ा करने, सतह को सुधारने, रिटेनिंग वॉल और कल्वर्ट बनाने का कार्य जारी है। इस बार बेस कैंप में टेंट के स्थान पर प्री-फैब्रिकेटेड और फाइबर संरचनाएं बनाई जा रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं को आरामदायक आवास की सुविधा मिलेगी। हर इमारत में 48 कमरे हैं, जिनमें अटैच्ड वॉशरूम और गर्म पानी की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।


संवेदनशील स्थानों पर कैंप नहीं

इस वर्ष सभी संवेदनशील और आपदा संभावित क्षेत्रों को तीर्थयात्रियों के लिए नो एंट्री जोन घोषित किया गया है। बालटाल और नुनवान मार्ग के दोनों ट्रैक को चौड़ा किया गया है और पुलों को भी बेहतर बनाया गया है। बादल फटने और अचानक बाढ़ की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील स्थानों पर कैंप नहीं लगाए जाएंगे।


अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन

इस साल अमरनाथ यात्रा के लिए अब तक साढ़े तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। यात्रा मार्ग पर अभी भी 10 से 12 फीट तक बर्फ जमी हुई है, लेकिन सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) दोनों रास्तों को तेजी से बहाल करने में जुटा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि 15 जून तक दोनों रास्ते पूरी तरह तैयार हो जाएंगे। यात्रा 3 जुलाई से बालटाल-सोनमर्ग और पारंपरिक नुनवान-पहलगाम मार्ग से शुरू होगी। यह यात्रा 57 दिन तक चलेगी और 28 अगस्त को रक्षा बंधन और सावन पूर्णिमा के दिन समाप्त होगी। रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू हुए थे।


रजिस्ट्रेशन के लिए बैंक

यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन पंजाब नेशनल बैंक, जम्मू-कश्मीर बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यस बैंक की निर्धारित शाखाओं के माध्यम से हो रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस साल श्रद्धालुओं की संख्या 5 लाख के पार जा सकती है। 2025 में चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जबकि 2024 में यह आंकड़ा पांच लाख से अधिक था।