अमित शाह का नक्सलवाद पर बड़ा बयान: बस्तर में विकास की नई लहर
गृह मंत्री का महत्वपूर्ण बयान
लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश अब वामपंथी उग्रवाद से लगभग मुक्त हो चुका है और बस्तर जैसे क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार विकास और सुरक्षा दोनों मोर्चों पर सक्रिय है। इस दौरान उन्होंने पूर्व सरकारों पर भी निशाना साधा और कहा कि अब परिस्थितियाँ पूरी तरह बदल चुकी हैं।
बस्तर में सुधार की दिशा
अमित शाह ने अपने संबोधन में बताया कि बस्तर में नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि हर गांव में स्कूल और राशन की दुकानों की व्यवस्था की गई है। पहले जहां विकास की कमी थी, अब वहां बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। शाह के अनुसार, इससे स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार आया है और क्षेत्र में शांति का माहौल बना है।
सरकार की सख्त नीति
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि जो भी हथियार उठाएगा, उसे उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा। उन्होंने इसे सरकार की स्पष्ट नीति बताया। शाह ने कहा कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई और बेहतर रणनीति के कारण नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से नियंत्रण स्थापित किया गया है। इसके साथ ही विकास योजनाओं को भी समान रूप से लागू किया गया है, जिससे समस्या की जड़ पर काम हुआ है।
विपक्ष पर तीखा हमला
शाह ने विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस, पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद आदिवासी क्षेत्रों में विकास नहीं पहुंच पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकारों ने इन इलाकों को नजरअंदाज किया, जिससे नक्सलवाद को बढ़ावा मिला। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा सरकार ने इस स्थिति को बदलने का कार्य किया है।
इतिहास और विचारधारा पर टिप्पणी
अपने भाषण में शाह ने नक्सलवाद की विचारधारा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इसे सही ठहराना गलत है और इसकी तुलना स्वतंत्रता सेनानियों से करना उचित नहीं है। शाह ने कहा कि अब देश में कानून का राज है और हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है।
