अमित शाह की सख्त चेतावनी: अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कड़े कदम
केंद्रीय गृह मंत्री का कड़ा रुख
नई दिल्ली - केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर स्पष्ट और कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग अवैध रूप से देश में रह रहे हैं, उन्हें स्वेच्छा से वापस लौटना चाहिए, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अवैध घुसपैठ बर्दाश्त नहीं
अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार देश की सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन को लेकर गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अब हालात ऐसे बन रहे हैं कि अवैध तरीके से भारत में प्रवेश करने वाले लोग खुद लौटने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ की घटनाएं आम थीं, लेकिन अब प्रशासनिक सख्ती और पहचान अभियानों के कारण स्थिति में सुधार हो रहा है। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि यदि अवैध रूप से रह रहे लोग स्वेच्छा से लौटते हैं, तो यह प्रक्रिया मानवीय तरीके से की जाएगी।
पश्चिम बंगाल में कार्रवाई तेज
गृह मंत्री ने पश्चिम बंगाल में चल रही कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में अवैध घुसपैठियों की पहचान और निगरानी के लिए कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है और घुसपैठ रोकने के लिए नए उपाय किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य देश में अवैध रूप से रह रहे सभी व्यक्तियों की पहचान करना और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करना है।
सीमा फेंसिंग पर जोर
अमित शाह ने बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग कार्य के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लंबे समय से लंबित सीमा सुरक्षा परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए प्रयासरत है।
उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने हाल ही में सीमा सुरक्षा बल (BSF) को बड़ी मात्रा में भूमि उपलब्ध कराई है, जिससे सीमा पर बाड़बंदी का कार्य तेज किया जा सकेगा। शाह के अनुसार, कुछ ही दिनों में सैकड़ों हेक्टेयर भूमि BSF को सौंपी गई है, जिससे सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
जनसांख्यिकीय बदलाव पर चिंता
गृह मंत्री ने कहा कि अवैध घुसपैठ और जनसांख्यिकीय परिवर्तन के मुद्दे पर केंद्र सरकार गंभीर है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो सीमावर्ती राज्यों की स्थिति और सुरक्षा पहलुओं की समीक्षा कर रही है।
उन्होंने दोहराया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सरकार अवैध घुसपैठ रोकने के लिए हर आवश्यक कदम उठाती रहेगी।
