Newzfatafatlogo

अमृतसर में हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी का बड़ा खुलासा

पंजाब के अमृतसर में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सीमा पार से हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले दो मॉड्यूलों का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से आधुनिक पिस्तौल और हेरोइन बरामद की गई। पुलिस ने इस मामले में तीन एफआईआर दर्ज की हैं और तस्करी के नेटवर्क की जांच कर रही है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 | 
अमृतसर में हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी का बड़ा खुलासा

पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई

अमृतसर - पंजाब के अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने रविवार को एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने सीमा पार से हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले दो अलग-अलग मॉड्यूलों का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से छह आधुनिक पिस्तौल, 60 कारतूस और 3.5 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई है।


पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने जानकारी दी कि बरामद हथियारों में तुर्की निर्मित तीन टीआईएसएएस पिस्तौल शामिल हैं, जो अपनी उच्च मारक क्षमता और आधुनिक तकनीक के लिए प्रसिद्ध हैं। इसके अलावा, दो .30 बोर और एक 9 एमएम पिस्तौल भी जब्त की गई है। डीजीपी ने बताया कि ये तुर्की सीरीज़ की पिस्तौलें पंजाब में बेहद दुर्लभ मानी जाती हैं।


गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में करन सिंह (26), गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी (22), राकेश उर्फ केशू (26), चमकौर सिंह (23) (सभी तरनतारन के निवासी) और अमृतसर के मख्खनदीन उर्फ मख्खन (22) तथा जसबीर सिंह उर्फ बीरा (19) शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये सभी आरोपी पाकिस्तान के तस्करों के संपर्क में थे और ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से हथियार और नशीले पदार्थ मंगवा रहे थे।


पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गश्त के दौरान मोटरसाइकिल पर सवार करन और गुरप्रीत को रोका गया, जिनसे तुर्की पिस्तौल बरामद हुई। इनकी निशानदेही पर सप्लायर मख्खनदीन को भी गिरफ्तार किया गया। एक अन्य कार्रवाई में राकेश और चमकौर को एक किलोग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा गया। उनसे मिली जानकारी के आधार पर जसबीर सिंह को 2.5 किलोग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया, जिससे कुल बरामदगी 3.5 किलोग्राम तक पहुंच गई।


अमृतसर पुलिस ने इस मामले में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। थाना गेट हकीमा में आर्म्स एक्ट के तहत और थाना छेहरटा व थाना वेरका में एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब इस संगठित नेटवर्क के 'फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज' की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन हथियारों और नशीले पदार्थों की अंतिम सप्लाई कहां होनी थी।