अमेरिका-ईरान युद्ध का अंत: शांति की ओर बढ़ने का ऐलान
अमेरिका-ईरान युद्ध समाप्त
अमेरिका-ईरान युद्ध समाप्त: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब खत्म हो चुका है। यह घोषणा अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने की है, जिन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव के बीच यह निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ अब समाप्त हो चुका है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रुबियो ने कहा कि अमेरिका किसी नए संघर्ष की स्थिति नहीं चाहता और शांति की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने इस ऑपरेशन के उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और आगे की बातचीत शांति के माध्यम से होगी। राष्ट्रपति ट्रंप इस स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और वे नहीं चाहते कि यह संघर्ष फिर से शुरू हो।
Secretary of State Marco Rubio: "The operation is over – Epic Fury. We are done with that stage of it." pic.twitter.com/XjtTx1sbIB
— Open Source Intel (@Osint613) May 5, 2026
आपको याद दिला दें कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया था, जिसे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का नाम दिया गया। इसका उद्देश्य ईरान की सत्ता को कमजोर करना और खामेनेई शासन का तख्तापलट करना था। इस ऑपरेशन के तहत अमेरिका ने इजराइल के सहयोग से ईरान के दूसरे सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या कर दी थी।
ट्रंप का बयान: ईरान के लोग अच्छे हैं
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका ने अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर लिया है, इसलिए अब इस ऑपरेशन को जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है। राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर इसे समाप्त करने का निर्णय लिया गया। रुबियो के बयान के तुरंत बाद, ट्रंप ने एक पोस्ट में कहा कि ईरान के लोग बहुत अच्छे हैं और वे उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: तनाव का केंद्र
अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया था, जो खाड़ी देशों से तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति का मुख्य मार्ग है। इस स्थिति के कारण विश्व में तेल और गैस की आपूर्ति में बाधा आई, जिससे कच्चे तेल की कीमतें $1130 प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, जबकि वर्तमान में यह $115 प्रति बैरल है। रुबियो ने बताया कि लगभग 23,000 नाविक इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं और उनकी स्थिति गंभीर है। उन्होंने ईरान पर आरोप लगाया कि वह इस मार्ग को बंद करके वैश्विक समुदाय को नुकसान पहुंचा रहा है।
