अमेरिका और इजरायल की ईरान पर जमीनी हमले की तैयारी, युद्ध की स्थिति गंभीर
युद्ध की स्थिति और वैश्विक प्रभाव
आने वाले दिनों में युद्ध की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है, जिसका असर न केवल एशिया बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ेगा।
तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुरूआत में अमेरिका ने भी नहीं सोचा था कि यह संघर्ष इतना लंबा चलेगा। ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों का डटकर सामना किया है और अमेरिकी सैन्य उपकरणों को नष्ट करके उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया है।
अब यह युद्ध एक नए खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिका और इजरायल ईरान के भीतर जमीनी कार्रवाई की योजना बना रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने परमाणु सामग्री की सुरक्षा का हवाला देते हुए विशेष सैन्य बल भेजने की संभावना जताई है, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा हमला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सबसे बड़े हमले का संकेत दिया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस संबंध में बी 52 बॉम्बर्स का एक वीडियो साझा किया। ट्रंप ने कहा कि जब तक तेहरान बिना शर्त आत्मसमर्पण नहीं करता, तब तक अमेरिका के हमले जारी रहेंगे। ईरान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी ने चेतावनी दी है कि ईरान अपने नेता के खून का बदला लेगा और ट्रंप को अयातुल्ला खामेनेई की हत्या की कीमत चुकानी होगी।
पश्चिम एशिया में संघर्ष का बढ़ता प्रभाव
पिछले महीने के अंत से अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच तनाव तेजी से बढ़ा है। दोनों पक्षों के बीच लगातार हमले और जवाबी कार्रवाई हो रही है, जिससे पूरा पश्चिम एशिया संघर्ष की चपेट में आ गया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान ने कई देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, जिससे अमेरिकी सैनिकों को खतरा बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे संघर्ष बढ़ेगा, अमेरिकी और अन्य देशों के सैनिकों के हताहत होने का खतरा भी बढ़ सकता है।
ईरान की चुनौती
ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को उनका उत्तराधिकारी घोषित किया गया है। यह निर्णय उस समय लिया गया है जब अयातुल्ला खामेनेई की हत्या के बाद युद्ध खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। मोजतबा खामेनेई को लंबे समय से इस पद का संभावित दावेदार माना जा रहा था। ट्रंप ने कहा था कि वह ईरान में अपनी पसंद का नेता चुनना चाहता है, लेकिन ईरान ने मोजतबा खामेनेई को सर्वोच्च नेता के रूप में चुनकर अमेरिका को एक बार फिर चुनौती दी है।
