अमेरिका और इजरायल की नई रणनीति: ईरान के हथियार उत्पादन पर रोक
ईरान पर हमलों की नई रणनीति
अमेरिका और इजरायल के सेना प्रमुखों की बैठक
अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध ने एक महीने से अधिक का समय ले लिया है। इस अवधि में ईरान को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, लेकिन उसने भी जवाबी कार्रवाई की है। इस स्थिति ने अमेरिका और इजरायल को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है।
यूएस सेंट्रल कमांड के प्रमुख ब्रैड कूपर ने इजरायल में इजरायली सेना के प्रमुख इयाल जमीर और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इस चर्चा में ईरान से संबंधित संघर्ष और उसके हथियार उत्पादन को रोकने के उपायों पर विचार किया गया। इजरायली सेना के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान की सैन्य उत्पादन क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है।
ईरान में पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमला
सोमवार को ईरान के उत्तरी क्षेत्र में एक पेट्रोकेमिकल फैक्ट्री पर हमला हुआ। स्थानीय मीडिया के अनुसार, तब्रिज पेट्रोकेमिकल प्लांट को निशाना बनाया गया। राहत की बात यह है कि इस हमले में कोई खतरनाक रसायन बाहर नहीं आया। यह फैक्ट्री तेल और प्राकृतिक गैस से प्लास्टिक और अन्य आवश्यक रसायनों का उत्पादन करती है।
पश्चिम एशिया में युद्ध के पहले महीने में, ईरान के संयुक्त सैन्य कमांड के प्रवक्ता ने कहा कि अब अमेरिका और इजरायल के अधिकारियों के निजी निवास भी ईरान के लिए वैध लक्ष्य बन गए हैं। इसका उद्देश्य पश्चिम एशिया में अमेरिकी और इजरायली सैन्य तथा राजनीतिक अधिकारियों को चेतावनी देना है।
दक्षिण लेबनान में इजरायली हवाई हमले
दक्षिण लेबनान के एक शहर पर इजरायल के हवाई हमले में पांच लोगों की मौत हो गई। राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के अनुसार, इस हमले में दो अन्य लोग भी घायल हुए हैं।
इसके अलावा, बगदाद में रविवार को एक शक्तिशाली धमाके की आवाज सुनाई दी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस विस्फोट के बाद इलाके में अफरातफरी का माहौल है। धमाके के कारणों और इसके प्रभाव के बारे में अभी तक कोई विस्तृत जानकारी नहीं मिली है।
