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अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते की संभावना पर चर्चा

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित परमाणु समझौते पर चर्चा चल रही है, जिसमें ट्रम्प ने ईरान को 300 अरब डॉलर का रीकंस्ट्रक्शन फंड देने का दावा किया है। ईरान ने इस पर प्रतिक्रिया दी है, जबकि ट्रम्प ने कहा है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। जानें इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
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अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते की संभावना पर चर्चा

ईरान को 300 अरब डॉलर का रीकंस्ट्रक्शन फंड


न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि समझौता होता है, तो अमेरिका ईरान को 300 अरब डॉलर (लगभग 28.5 लाख करोड़ रुपये) का रीकंस्ट्रक्शन फंड प्रदान कर सकता है। इसके साथ ही, अमेरिकी कंपनियों को ईरान में निवेश करने की अनुमति भी दी जा सकती है। एक ईरानी अधिकारी ने इसे रीकंस्ट्रक्शन प्रोग्राम के रूप में वर्णित किया है और कहा है कि अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर के बाद यह आर्थिक सहायता दी जाएगी।


ट्रम्प का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका और ईरान परमाणु कार्यक्रम पर समझौते के करीब हैं। ट्रम्प का कहना है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और उसके पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम को समाप्त कर दिया जाएगा। हालांकि, ईरान ने ट्रम्प के इस दावे को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि वर्तमान में परमाणु मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं चल रही है।


ट्रम्प पर विश्वासघात का आरोप

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के पूर्व कमांडर मोहसिन रेजाई ने ट्रम्प पर कूटनीति में विश्वासघात करने का आरोप लगाया है। रेजाई ने सोशल मीडिया पर कहा कि ट्रम्प ने समुद्री नाकेबंदी जारी रखकर और बातचीत में अत्यधिक मांगें रखकर यह साबित कर दिया है कि उनका बातचीत की ओर झुकाव नहीं है।


अमेरिका का दृष्टिकोण

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ईरान के साथ समझौते के लिए धैर्यपूर्वक आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी समझौता अच्छा होगा, बशर्ते कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके। हेगसेथ ने यह भी बताया कि यदि ईरान परमाणु कार्यक्रम पर सहमति नहीं बनाता है, तो सैन्य कार्रवाई की संभावना भी है।