Newzfatafatlogo

अमेरिका और ईरान के बीच पहली बार आमने-सामने वार्ता का आयोजन

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच पहली बार आमने-सामने वार्ता का आयोजन हुआ। इस ऐतिहासिक बातचीत में दोनों देशों ने युद्ध से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उप राष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के संसद प्रमुख मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने इस वार्ता का नेतृत्व किया। ईरान ने लेबनान पर हमले को रोकने का आग्रह किया, जबकि अमेरिका ने ईरान से ईमानदारी से बातचीत करने की अपील की। जानें इस वार्ता के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
 | 
अमेरिका और ईरान के बीच पहली बार आमने-सामने वार्ता का आयोजन

इस्लामाबाद में ऐतिहासिक बातचीत

नई दिल्ली। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पिछले लगभग 50 वर्षों में पहली बार अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत हुई। दोनों देशों ने युद्ध से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की। शनिवार को हुई इस वार्ता के पहले दौर में ईरान ने लेबनान पर तुरंत हमले को रोकने का आग्रह किया। इस बातचीत का नेतृत्व अमेरिका की ओर से उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने किया, जबकि ईरान की तरफ से संसद के प्रमुख मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने प्रतिनिधित्व किया।


सूत्रों के अनुसार, पहले दौर की बैठक में सुरक्षा, राजनीति, सैन्य, आर्थिक और कानूनी मुद्दों पर चर्चा की गई। यह मीटिंग रविवार को भी जारी रह सकती है। उल्लेखनीय है कि 1979 में ईरान की इस्लामिक क्रांति के बाद यह पहली बार है जब दोनों देशों के शीर्ष नेता आमने-सामने बैठे हैं। व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस और अन्य अधिकारियों ने इस्लामाबाद में ईरान के प्रतिनिधियों से मुलाकात की है।


पहले यह कहा जा रहा था कि वार्ता मध्यस्थता के माध्यम से होगी, यानी पाकिस्तान के जरिए बातचीत होगी। लेकिन दोनों पक्षों ने एजेंडा तय करने के बाद सीधे आमने-सामने बैठकर वार्ता की। इस्लामाबाद के सेरेना होटल में यह बातचीत हो रही है, जो शहर के सबसे सुरक्षित स्थानों में से एक माना जाता है। इसके चारों ओर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।


हालांकि, वार्ता शुरू होने से पहले ईरान ने चेतावनी दी थी कि यदि इस्लामाबाद में बातचीत का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकलता है, तो केवल इजराइल को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। ईरान ने कहा कि अमेरिका और इजराइल के निर्णयों का भी इस पर प्रभाव पड़ेगा। दूसरी ओर, उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि वे खुली बातचीत के लिए तैयार हैं और ईरान को भी ईमानदारी से पेश आना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ईरान चालाकी नहीं करेगा, तो वार्ता का सकारात्मक परिणाम निकल सकता है।


शनिवार को ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने इस्लामाबाद पहुंचने के बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें विमान की सीटों पर चार बच्चों की तस्वीरें रखी गई थीं, जिनके साथ खून से सने स्कूल बैग और जूते थे। यह ध्यान देने योग्य है कि ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के पहले दिन 28 फरवरी को मिनाब में एक प्राथमिक स्कूल पर हमला हुआ था, जिसमें 168 लोगों की जान गई थी, जिनमें बच्चे और स्कूल का स्टाफ शामिल थे।