अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष: अस्थायी युद्धविराम के बावजूद हमले जारी
संघर्ष की नई परतें
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी युद्धविराम की बातचीत चल रही है, लेकिन दोनों देशों ने अस्थायी युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन करते हुए एक-दूसरे पर हमले किए हैं। अमेरिका ने ईरान पर बमबारी की, जिसके जवाब में ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को निशाना बनाया। यूएई ने आरोप लगाया है कि ईरान ने उसके खिलाफ दो बैलिस्टिक मिसाइल और तीन ड्रोन दागे हैं।
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि ईरान के मिसाइल और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। इस हमले में तीन लोग घायल हुए हैं, लेकिन ईरान की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। दूसरी ओर, अमेरिका ने युद्धविराम के बावजूद ईरान पर फिर से बमबारी की। अमेरिका का कहना है कि ईरानी सेना ने उसके जंगी जहाजों पर मिसाइल, ड्रोन और छोटी नावों से हमला किया था। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमला किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने समझौता नहीं किया, तो अमेरिका आगे भी हमले जारी रखेगा।
ईरान का दावा है कि अमेरिकी हमले का निशाना सैन्य ठिकानों के बजाय नागरिक इलाकों को बनाया गया। ईरानी सेना ने कहा कि उसने होर्मुज की खाड़ी और चाबहार पोर्ट के पास मौजूद अमेरिकी सैन्य जहाजों को निशाना बनाया। ईरान ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में उसके तेल टैंकरों को निशाना बनाया। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका पर सीजफायर और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के उस दावे को खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि ईरान के मिसाइल भंडार खत्म हो चुके हैं। अराघची ने कहा कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए की जानकारी गलत है। उन्होंने दावा किया कि ईरान का मिसाइल रिजर्व 120 फीसदी पर है और देश अपनी जनता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हर बार जब कूटनीतिक समाधान सामने आता है, अमेरिका सैन्य रास्ता चुनता है। ईरानी कभी दबाव में नहीं झुकेंगे।'
