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अमेरिका और ईरान के बीच समझौते का प्रारूप तैयार, होर्मुज की खाड़ी पर सहमति

अमेरिका और ईरान के बीच एक संभावित समझौते का प्रारूप तैयार किया गया है, जिसमें होर्मुज की खाड़ी को फिर से खोलने पर सहमति बनी है। ईरान ने वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही को बहाल करने का वादा किया है, जबकि अमेरिका अपनी सैन्य घेराबंदी को समाप्त करने के लिए तैयार है। हालांकि, यह प्रस्ताव अभी अमेरिका द्वारा पुष्टि नहीं किया गया है। जानें इस समझौते के प्रमुख बिंदु और इसके संभावित प्रभाव।
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अमेरिका और ईरान के बीच समझौते का प्रारूप तैयार, होर्मुज की खाड़ी पर सहमति

समझौते का प्रारंभिक मसौदा


नई दिल्ली में, अमेरिका और ईरान के बीच एक संभावित समझौते का प्रारूप तैयार किया गया है। दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति जताई है। ईरान ने होर्मुज की खाड़ी को फिर से खोलने पर सहमति दी है, जबकि अमेरिका ने समुद्र में अपनी घेराबंदी को समाप्त करने का प्रस्ताव रखा है। यह कहा गया है कि अगले एक महीने में होर्मुज की खाड़ी पूरी तरह से चालू हो जाएगी। हालांकि, इस प्रस्ताव की पुष्टि अभी अमेरिका की ओर से नहीं हुई है।


ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिका के साथ संभावित समझौते का प्रारंभिक मसौदा तैयार किया गया है। यह प्रारूप अनौपचारिक रूप से प्राप्त हुआ है और इसमें अमेरिका और ईरान के बीच समझौते का ढांचा शामिल है। इस मसौदे के अनुसार, अमेरिका ईरान के आसपास से अपनी सैन्य उपस्थिति को हटाएगा और नौसैनिक घेराबंदी को समाप्त करेगा। इसके बदले, ईरान 30 दिनों के भीतर होर्मुज की खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही को पूर्व-युद्ध स्तर पर बहाल करेगा।


रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि होर्मुज की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही की व्यवस्था अमेरिकी सैन्य जहाजों पर लागू नहीं होगी। इसके अलावा, होर्मुज की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही का प्रबंधन ईरान और ओमान मिलकर करेंगे। हाल ही में, दोनों देशों ने इस विषय पर बातचीत की थी और साझा प्रबंधन के फॉर्मूले पर चर्चा की थी।


हालांकि, ईरान की सरकारी मीडिया ने यह भी स्पष्ट किया है कि समझौते का मसौदा अभी अंतिम नहीं है और ईरान बिना ठोस गारंटी के आगे नहीं बढ़ेगा। अमेरिका की ओर से इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका केवल घेराबंदी हटाएगा या क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों और सैन्य ठिकानों को भी हटाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौता हो जाता है, तो इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बाध्यकारी प्रस्ताव के रूप में मंजूरी दी जाएगी। पिछले कुछ दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज की खाड़ी, एनरिच्ड यूरेनियम, प्रतिबंधों में राहत और ईरान की जब्त संपत्तियों को खोलने जैसे मुद्दों पर चर्चा चल रही है।