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अमेरिका और ईरान के बीच सहयोग की नई शुरुआत: ट्रंप का संकेत

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष के 40 दिनों के बाद, ट्रंप ने दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा की है। उन्होंने ईरान के साथ सहयोग की इच्छा जताई है, जिसमें परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण और प्रतिबंधों में राहत जैसे मुद्दे शामिल हैं। ट्रंप का कहना है कि ईरान अब पुनर्निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। जानें इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
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अमेरिका और ईरान के बीच सहयोग की नई शुरुआत: ट्रंप का संकेत

संघर्ष के बाद नई दिशा में कदम

नई दिल्ली - अमेरिका और इजरायल तथा ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के 40 दिनों के बाद, स्थिति अब एक नए मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा की है और ईरान के साथ सहयोग करने की इच्छा व्यक्त की है।


दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण, सख्त निगरानी और प्रतिबंधों में संभावित राहत जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनने की संभावना जताई जा रही है, जो वैश्विक कूटनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है। ट्रंप ने इसे दुनिया के लिए 'बड़ा दिन' बताते हुए कहा कि ईरान अब संघर्ष से थक चुका है और पुनर्निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।


ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, 'संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के साथ मिलकर काम करेगा, जो एक सफल 'सत्ता परिवर्तन' के दौर से गुजर चुका है। अब यूरेनियम का संवर्धन नहीं किया जाएगा, और अमेरिका, ईरान के साथ मिलकर, गहराई में दबी हुई परमाणु सामग्री को बाहर निकालेगा। यह अभी भी कड़ी सैटेलाइट निगरानी के तहत है।'


उन्होंने आगे कहा, 'हम ईरान के साथ टैरिफ और प्रतिबंधों में राहत देने के मुद्दे पर बातचीत कर रहे हैं और पहले ही कई बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है।'


ट्रंप ने ईरान के खिलाफ संभावित बड़े सैन्य हमले से पीछे हटते हुए दो हफ्ते का अस्थायी युद्धविराम घोषित किया। यह निर्णय उस शर्त पर लिया गया कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित और तुरंत खोलेगा। इस घोषणा से वैश्विक स्तर पर राहत मिली है।


सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय ट्रंप द्वारा निर्धारित रात 8 बजे (ईएसटी) की डेडलाइन से महज 90 मिनट पहले लिया गया। इसके पीछे की कूटनीति महत्वपूर्ण रही है। ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ बातचीत के बाद सीजफायर की स्थिति को स्थापित करने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को हासिल कर चुका है और अब ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति समझौते की दिशा में तेजी से प्रगति हो रही है।