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अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की समय सीमा 21 अप्रैल, वार्ता की संभावना

अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम की समय सीमा 21 अप्रैल है। इस बीच, दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता का कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। राष्ट्रपति ट्रंप ने वार्ता को फिर से शुरू करने की इच्छा जताई है, बशर्ते ईरान उनकी शर्तों पर विचार करे। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने वार्ता में प्रगति की बात की है। क्या आगे की वार्ता से स्थायी शांति संभव है? जानें पूरी जानकारी में।
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अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की समय सीमा 21 अप्रैल, वार्ता की संभावना

सीजफायर की समय सीमा और वार्ता

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम की समय सीमा 21 अप्रैल निर्धारित की गई है। इस बीच, दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच इस्लामाबाद में शनिवार को लगभग 21 घंटे तक चली बातचीत का कोई ठोस परिणाम नहीं निकला।


सीजफायर की समय सीमा समाप्त होने से पहले, दोनों पक्ष फिर से बातचीत की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वार्ता को फिर से शुरू करने की इच्छा व्यक्त की है, बशर्ते ईरान उनकी शर्तों पर विचार करने के लिए तैयार हो।


समाचार एजेंसी के अनुसार, वॉशिंगटन और तेहरान 21 अप्रैल की समय सीमा से पहले अपने छह सप्ताह लंबे संघर्ष को समाप्त करने के लिए नई वार्ता पर विचार कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, बातचीत का अगला दौर गुरुवार को आयोजित किया जा सकता है।


रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मध्यस्थ देशों में से एक के राजनयिक ने संकेत दिया है कि दोनों पक्ष वार्ता के लिए सहमत हो चुके हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। संभावित बैठक इस्लामाबाद या जिनेवा में हो सकती है।


दोनों देशों के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं, लेकिन राजनयिक स्तर पर समाधान की कोशिशें तेज हो गई हैं।


इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि वार्ता के दौरान कुछ प्रगति हुई है और ईरान ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। फॉक्स न्यूज से बातचीत में वेंस ने कहा, “हम यह नहीं कहेंगे कि सब कुछ गलत हुआ। कई मामलों में प्रगति भी हुई है।”


यह ध्यान देने योग्य है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भी संकेत दिया है कि ईरान की ओर से समझौते की इच्छा जताई गई है। अब आगे की वार्ता में ठोस नतीजा निकलने की संभावना पर नजर बनी हुई है।