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अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का समझौता

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का निर्णय लिया गया है। इस समझौते के तहत, अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी में ढील देगा, जबकि ईरान जलमार्ग को चरणबद्ध तरीके से खोलेगा। यह निर्णय वैश्विक व्यापार के लिए राहत की खबर है, क्योंकि इससे फंसे हुए व्यापारिक और तेल के जहाजों को सुरक्षित निकलने की अनुमति मिलेगी। जानें इस समझौते के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभाव।
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अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का समझौता

तेहरान में ऐतिहासिक सहमति

तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के बीच एक सकारात्मक खबर आई है। दोनों देशों ने समुद्री व्यापार के महत्वपूर्ण मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को लेकर एक महत्वपूर्ण सहमति बनाई है। इस नए समझौते के तहत, अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी में ढील देने का निर्णय ले रहा है, जबकि ईरान इस जलमार्ग को चरणबद्ध तरीके से फिर से खोलने के लिए सहमत हुआ है। यह ऐतिहासिक निर्णय गुरुवार को दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बाद लिया गया है।


फंसे जहाजों को जल्द मिलेगी रिहाई

अरबी मीडिया की रिपोर्टों और विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, इस समझौते के बाद अगले कुछ घंटों में होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे व्यापारिक और तेल के जहाजों को सुरक्षित निकलने की अनुमति दी जाएगी। जब अमेरिका-ईरान के बीच संघर्ष शुरू हुआ था, तब ईरान ने इस जलमार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया था। होर्मुज वह मार्ग है जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है, जिसके बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा संकट उत्पन्न हो गया था।


अमेरिका का सैन्य दबाव और ट्रंप की चेतावनी

इस सहमति के पीछे अमेरिका का सैन्य और कूटनीतिक दबाव एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। तनाव के दौरान, एक अमेरिकी लड़ाकू विमान ने ईरान के एक तेल टैंकर पर हमला किया था, जिससे टैंकर का रडर नष्ट हो गया। इसके बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि यदि जल्द ही कोई शांति समझौता नहीं हुआ, तो वह और भी बड़े हमले करेंगे। हालांकि, अभी तक इस समझौते पर दोनों देशों की सरकारों की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन वैश्विक व्यापार जगत ने इस खबर से राहत की सांस ली है।