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अमेरिका का ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान: यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड की तैनाती

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिका ने अपने सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' को और आक्रामक बनाते हुए यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड विमानवाहक पोत को तैनात किया है। यह विशाल पोत 75 से अधिक अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों से लैस है, जिसमें F-35C और F/A-18F शामिल हैं। इसके साथ ही, सुरक्षा के लिए तीन विध्वंसक पोत भी तैनात किए गए हैं, जो ईरान के सैन्य ठिकानों पर विनाश का खतरा बढ़ाते हैं। जानें इस स्थिति का क्या प्रभाव हो सकता है।
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अमेरिका का ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान: यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड की तैनाती

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच का तनाव अब एक गंभीर युद्ध की स्थिति में पहुंच चुका है। इस बीच, अमेरिका ने अपने सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' को और अधिक आक्रामक बनाते हुए दुनिया के सबसे बड़े विमानवाहक पोत, यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड (सीवीएन 78), को युद्ध के मैदान में उतार दिया है। इस विशाल पोत की उपस्थिति से मध्य पूर्व में हलचल मच गई है, और यह स्पष्ट है कि अमेरिका अब ईरान को कोई भी रियायत देने के लिए तैयार नहीं है।


यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड की ताकत

75 से अधिक घातक विमानों से लैस


यह विशाल जंगी पोत 75 से अधिक अत्याधुनिक और मारक क्षमता वाले विमानों को ले जाने में सक्षम है। इसमें F-35C लाइटनिंग II स्टील्थ फाइटर्स शामिल हैं, जो दुश्मनों के रडार को चकमा देने में माहिर हैं। इसके अलावा, F/A-18F सुपर हॉर्नेट्स और EA-18G ग्रॉलर जेट्स जैसे खतरनाक लड़ाकू विमानों की तैनाती से ईरान के सैन्य ठिकानों पर विनाश का खतरा बढ़ गया है।


सुरक्षा के लिए तैनात विध्वंसक

विनाशकारी पोत की सुरक्षा


यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड केवल अपने लड़ाकू विमानों के लिए ही नहीं, बल्कि इसके पूरे जंगी बेड़े की सुरक्षा के लिए भी जाना जाता है। इसे सुरक्षा और अचूक मारक क्षमता प्रदान करने के लिए तीन विनाशकारी विध्वंसक पोत भी तैनात किए गए हैं। ये मिसाइलों से लैस युद्धपोत किसी भी समय ईरान के महत्वपूर्ण ठिकानों को नष्ट करने की क्षमता रखते हैं, जिससे यह युद्ध एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है।