अमेरिका का ईरान के मिसाइल ठिकानों पर हमला: होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ी सैन्य गतिविधियाँ
अमेरिका का नया सैन्य अभियान
वॉशिंगटन: अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के निकट ईरान के मिसाइल ठिकानों पर हाल ही में नए हमले किए हैं। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, ये ठिकाने अंतरराष्ट्रीय जलयानों के लिए खतरा बन गए थे। यह कार्रवाई "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" के तहत की गई है, जो अब और भी तेज हो गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, इन हमलों में भारी बमों का उपयोग किया गया है, जो मजबूत ठिकानों को भी नष्ट करने में सक्षम हैं। ये मिसाइल ठिकाने ईरान के तटीय क्षेत्र में स्थित थे, जहां एंटी-शिप मिसाइलें जहाजों के लिए खतरा उत्पन्न कर रही थीं।
सैन्य गतिविधियों का विस्तार
यह कार्रवाई इस अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, क्योंकि अब समुद्री क्षेत्र भी इसके दायरे में आ गया है। होर्मुज स्ट्रेट वर्तमान में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों का केंद्र बन गया है। सेंटकॉम ने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी नौसेना के विमानों ने सैकड़ों लड़ाकू उड़ानें भरी हैं, जो यह दर्शाता है कि अमेरिका समुद्र से भी हवाई शक्ति बनाए रखने में सक्षम है।
लक्ष्य और प्रभाव
हाल ही में जारी जानकारी के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए इस अभियान में अब तक 7,000 से अधिक लक्ष्यों पर हमले किए जा चुके हैं। यह अभियान राष्ट्रपति के निर्देश पर शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करना और उन ठिकानों को निशाना बनाना है जो तत्काल खतरा उत्पन्न कर सकते हैं। अब तक 100 से अधिक ईरानी जहाजों को नुकसान पहुंचाया गया है या नष्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही अमेरिकी सेना ने 6,500 से अधिक लड़ाकू उड़ानें भरी हैं।
सैन्य ठिकानों पर हमले
हमलों के निशाने पर विभिन्न प्रकार के सैन्य ठिकाने हैं, जिनमें बैलिस्टिक मिसाइल साइट, एंटी-शिप मिसाइल ठिकाने, आईआरजीसी (ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड) के मुख्यालय, एयर डिफेंस सिस्टम और सैन्य संचार से जुड़े सिस्टम शामिल हैं। इस पूरे ऑपरेशन में अमेरिका ने हवा, जमीन और समुद्र तीनों मोर्चों पर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है। इसमें बी-1, बी-2 और बी-52 जैसे बमवर्षक विमान, एफ-22 और एफ-35 जैसे आधुनिक फाइटर जेट, निगरानी विमान और ड्रोन शामिल हैं। समुद्र में परमाणु ऊर्जा से चलने वाले विमानवाहक पोत, पनडुब्बियां और मिसाइल से लैस युद्धपोत तैनात किए गए हैं।
सुरक्षा उपाय और वैश्विक प्रभाव
जमीन पर पैट्रियट और थाड जैसे मिसाइल रक्षा सिस्टम, रॉकेट आर्टिलरी और ड्रोन से निपटने वाली तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। यह स्पष्ट है कि यह अभियान कई स्तरों पर एक साथ चलाया जा रहा है। एंटी-शिप मिसाइल ठिकानों पर विशेष ध्यान इसलिए दिया जा रहा है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया में तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। यदि यहां कोई बाधा आती है, तो इसका प्रभाव वैश्विक व्यापार और तेल बाजार पर पड़ सकता है।
