अमेरिका का ऑपरेशन एपिक फ्यूरी: ईरान पर घातक हमला
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का परिचय
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी: अमेरिका ने ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के बाद 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत एक गंभीर जवाबी कार्रवाई की है। इस सैन्य कार्रवाई में अमेरिकी B-2 बमवर्षकों ने उन तटीय क्षेत्रों को निशाना बनाया, जहां से व्यापारिक जहाजों पर मिसाइल हमले का खतरा था।
इस हमले में अत्याधुनिक GBU-72 Advanced 5K Penetrator बमों का उपयोग किया गया, जो मजबूत कंक्रीट बंकरों को भेदने में सक्षम हैं। इस सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य वैश्विक व्यापार मार्गों को सुरक्षित करना है, लेकिन इसके परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में वृद्धि की संभावना भी बढ़ गई है।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य के युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि ऊर्जा और व्यापारिक मार्गों पर भी लड़े जाएंगे। यह हमला ईरान की क्षेत्रीय शक्ति को चुनौती देने के लिए किया गया है, जिसने दशकों से पश्चिमी देशों को चुनौती दी है।
ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष ने अब और अधिक गंभीर रूप ले लिया है। ईरान के सुप्रीम लीडर ने स्पष्ट किया है कि यह युद्ध जल्द समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका और इजरायल को हराया नहीं जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। इस स्थिति से यह स्पष्ट है कि यह युद्ध और अधिक समय तक चलेगा, जबकि इजरायल और अमेरिका लगातार ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहे हैं।
