Newzfatafatlogo

अमेरिका की ग्रीनलैंड पर कब्जे की योजना: सुरक्षा के लिए आवश्यक

अमेरिका ग्रीनलैंड पर कब्जे की योजना बना रहा है, जिसे राष्ट्रपति ट्रम्प ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने इस मुद्दे पर सैन्य बल के उपयोग की संभावना पर चर्चा की है। हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन का इरादा ग्रीनलैंड पर हमला करने का नहीं है, बल्कि इसे डेनमार्क से खरीदने का है। यूरोपीय देशों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। जानें इस संकट की पूरी कहानी और इसके संभावित परिणाम।
 | 
अमेरिका की ग्रीनलैंड पर कब्जे की योजना: सुरक्षा के लिए आवश्यक

ट्रम्प का ग्रीनलैंड पर कब्जे का बयान


राष्ट्रपति ट्रम्प ने ग्रीनलैंड की रणनीतिक महत्वता पर जोर दिया
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलीन लेविट ने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे की संभावनाओं को फिर से उठाया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पहले भी इस विषय पर अपनी चिंताओं को व्यक्त कर चुके हैं। उन्होंने हाल ही में कहा कि ग्रीनलैंड की सुरक्षा अमेरिका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, खासकर जब वहां रूसी और चीनी जहाजों की गतिविधियाँ बढ़ रही हैं। ट्रम्प ने कहा कि वह अगले 20 दिनों में इस मुद्दे पर और चर्चा करेंगे।


सैन्य बल का उपयोग: विचाराधीन

व्हाइट हाउस ने ग्रीनलैंड पर कब्जे के लिए सैन्य बल के उपयोग पर विचार करने की बात कही है। हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का इरादा ग्रीनलैंड पर हमला करने का नहीं है, बल्कि इसे डेनमार्क से खरीदने का है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अमेरिका ग्रीनलैंड के लोगों के साथ लाभकारी संबंध स्थापित करना चाहता है।


ग्रीनलैंड की सुरक्षा स्थिति

ग्रीनलैंड के पास अपनी कोई सेना नहीं है और इसकी रक्षा और विदेश नीति की जिम्मेदारी डेनमार्क पर है। यह क्षेत्र डेनमार्क का एक स्वायत्त हिस्सा है, जिसकी जनसंख्या लगभग 57,000 है। 2009 के बाद से, ग्रीनलैंड को कुछ तटीय सुरक्षा और विदेशी मामलों में स्वायत्तता मिली है, लेकिन मुख्य रक्षा और विदेश नीति अभी भी डेनमार्क के नियंत्रण में है।


यूरोपीय देशों की प्रतिक्रिया

यूरोपीय देशों ने व्हाइट हाउस के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, पोलैंड, स्पेन और डेनमार्क के नेताओं ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि ग्रीनलैंड उसके लोगों का है और इसके भविष्य का निर्णय केवल डेनमार्क और ग्रीनलैंड ही कर सकते हैं। उन्होंने आर्कटिक सुरक्षा को नाटो के सभी सदस्यों के साथ मिलकर मजबूत करने की बात कही है।