अमेरिका की वेनेजुएला पर कार्रवाई: वैश्विक विरोध और संयुक्त राष्ट्र की बैठक
अमेरिका की सैन्य कार्रवाई पर वैश्विक प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की निंदा
अमेरिका द्वारा पिछले सप्ताह वेनेजुएला में की गई सैन्य कार्रवाई पर कई देशों ने विरोध जताया है। भारत ने भी इस घटना पर अपनी चिंता व्यक्त की है। इस कार्रवाई में अमेरिकी सैनिकों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को बंधक बना लिया, जिससे कम से कम 40 लोगों की जान गई।
इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सोमवार को एक आपात बैठक बुलाई, जिसमें अमेरिका के सहयोगी और विरोधी दोनों देशों ने इस कार्रवाई की निंदा की। हालांकि, अमेरिका ने अपने रुख पर कायम रहने का निर्णय लिया।
संयुक्त राष्ट्र ने अमेरिका पर आरोप लगाए
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बैठक में अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई भविष्य में देशों के बीच संबंधों के लिए खतरनाक मिसाल बन सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी देश को दूसरे देश की सीमाओं का उल्लंघन करने का अधिकार नहीं है।
मादुरो की अदालत में पेशी
निकोलस मादुरो को न्यूयॉर्क की अदालत में पेश किया गया। अमेरिकी ड्रग एजेंसी ने उन्हें हेलिकॉप्टर से अदालत लाया। मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को एक साथ पेश किया गया, जहां मादुरो के पैरों में बेड़ियां थीं। दोनों ने अदालत में हेडफोन पहने थे ताकि वे अपनी भाषा में सुन सकें।
सुनवाई के दौरान मादुरो ने अपने खिलाफ सभी आरोपों को गलत बताया और कहा कि वे एक सभ्य व्यक्ति हैं। जज ने उन्हें चेतावनी दी कि उनके बयान भविष्य में उनके खिलाफ इस्तेमाल हो सकते हैं। अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी।
मादुरो के वकीलों का बयान
मादुरो के वकीलों ने उनकी गिरफ्तारी को 'सैन्य अपहरण' बताते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
