अमेरिका की होर्मुज खाड़ी में नाकाबंदी: ट्रंप की चेतावनी और वैश्विक प्रतिक्रिया
नई दिल्ली में अमेरिका की नाकाबंदी की घोषणा
अमेरिका ने होर्मुज की खाड़ी के आसपास नाकाबंदी लागू कर दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज ईरान को टोल देगा, उसे होर्मुज से गुजरने नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा, ट्रंप ने ईरान को भी धमकी दी है कि यदि उसका कोई जहाज क्षेत्र में दिखाई दिया, तो उसे नष्ट कर दिया जाएगा। यह नाकाबंदी भारतीय समयानुसार सोमवार की शाम साढ़े सात बजे से प्रभावी हो गई है। इस कदम का इजराइल ने समर्थन किया है, जबकि रूस ने इसका विरोध किया है.
नौवहन पर निगरानी और ईरान की प्रतिक्रिया
अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि जो जहाज होर्मुज के रास्ते से गुजरने का प्रयास करेंगे, उन्हें रोका जाएगा और उनकी जांच की जाएगी। विशेष रूप से उन जहाजों पर ध्यान दिया जाएगा, जिन्होंने ईरान को टोल दिया है। ट्रंप ने रविवार को कहा था कि जो जहाज ईरान को अवैध टोल देंगे, उन्हें सुरक्षित मार्ग नहीं दिया जाएगा, जिससे ईरान की आर्थिक स्थिति कमजोर होगी। उल्लेखनीय है कि होर्मुज की खाड़ी से विश्व का 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है, और इसके बंद होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है.
रूस का विरोध और ईरान की चेतावनी
रूस ने इस नाकाबंदी का विरोध करते हुए अमेरिका के निर्णय की आलोचना की है। क्रेमलिन का कहना है कि इस कदम से वैश्विक बाजारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि ट्रंप के आदेश के कई पहलू अभी भी अस्पष्ट हैं। दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि उसके बंदरगाहों को निशाना बनाया गया, तो फारस की खाड़ी और ओमान सागर में कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा। इस बीच, ईरान और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें शांति प्रयासों पर चर्चा की गई.
इजराइल का समर्थन और यूरोपीय संघ की प्रतिक्रिया
अमेरिका की नाकाबंदी का इजराइल ने समर्थन किया है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनका देश अमेरिका की समुद्री नाकाबंदी का समर्थन करता है। उन्होंने ट्रंप के निर्णय को सही ठहराते हुए कहा कि ईरान ने पाकिस्तान में शांति वार्ता के नियमों का उल्लंघन किया, जिसके चलते ट्रंप ने यह कठोर कदम उठाया। वहीं, यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि होर्मुज की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही तुरंत बहाल की जानी चाहिए, क्योंकि इसका बंद होना दुनिया के लिए हानिकारक है.
