अमेरिका ने ईरान में फंसे पायलट को सफलतापूर्वक निकाला
पायलट की सुरक्षित निकासी
नई दिल्ली। अमेरिका ने ईरान में फंसे अपने एक पायलट को सुरक्षित निकालने में सफलता प्राप्त की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस अभियान को दुनिया का सबसे साहसी कार्य बताया है। उल्लेखनीय है कि ईरान ने अमेरिका के एफ-15ई लड़ाकू विमान को गिरा दिया था, जिसमें से एक पायलट पहले ही सुरक्षित निकाल लिया गया था, जबकि दूसरा पायलट ईरान की सीमा में फंस गया था। अमेरिका ने 36 घंटे के भीतर उसे भी सुरक्षित निकाल लिया।
विशेष ऑपरेशन का विवरण
सूत्रों के अनुसार, मुख्य पायलट को शुक्रवार रात को बचा लिया गया, जबकि एयरमैन, जो कि वेपन सिस्टम ऑफिसर था, को शनिवार रात को निकाला गया। अमेरिकी विशेष बलों ने एयरमैन को बचाने के लिए एक विशेष ऑपरेशन चलाया, जिसमें सैकड़ों अमेरिकी कमांडो शामिल थे। उन्होंने ईरान के अंदर जाकर इस मिशन को अंजाम दिया। राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार सुबह सोशल मीडिया पर इस सफल ऑपरेशन की जानकारी साझा की।
घायल पायलट की स्थिति
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि अधिकारी को चोटें आई हैं, लेकिन वह पूरी तरह से ठीक हो जाएगा। उन्होंने इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे साहसी खोज और बचाव अभियान बताया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, घायल अधिकारी तक पहुंचने के लिए अमेरिकी और ईरानी बलों के बीच लगभग दो दिन तक 'जिंदगी और मौत' की दौड़ चली। राहत टीम को कोई नुकसान नहीं हुआ।
घटना का विस्तृत विवरण
अमेरिकी वेबसाइट ने इस घटना का पूरा विवरण साझा किया है। बताया गया है कि विमान गिरने के बाद एयरमैन पैराशूट से उतरा और घायल हो गया। चोट के बावजूद, वह चलने की स्थिति में था और ईरान के पहाड़ी इलाके में छिप गया। उसने अपनी सर्वाइवल प्रशिक्षण का उपयोग करते हुए खुद को कठिन पहाड़ी इलाके में छिपाए रखा।
खुफिया जानकारी का उपयोग
इस बीच, अमेरिकी सेना अपने पायलट की खोज कर रही थी, जबकि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स भी उसे खोजने में लगे थे। ईरान ने पायलट के ऊपर बड़ा इनाम भी घोषित किया था। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने ईरान को भटकाने के लिए गलत जानकारी फैलाई कि अमेरिकी सेना पहले ही उसे खोज चुकी है। इस दौरान, सीआईए ने एयरमैन की सही लोकेशन का पता लगाया और राष्ट्रपति ट्रंप ने उसे निकालने के अभियान की मंजूरी दी।
