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अमेरिका ने ईरानी नौकाओं पर किया हमला, तनाव बढ़ा

अमेरिकी सेना ने हाल ही में ईरानी नौकाओं पर हमला किया, जिससे अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। यह कार्रवाई अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए की गई थी। हमले के पीछे ईरानी बलों की गतिविधियों को खतरा मानते हुए सेंट्रल कमांड ने यह कदम उठाया। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी ईरान के संवर्धित यूरेनियम को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। जानें इस घटनाक्रम की पूरी जानकारी।
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अमेरिका ने ईरानी नौकाओं पर किया हमला, तनाव बढ़ा

ईरानी नौकाओं पर अमेरिकी सेना का हमला


ईरानी नौका मिसाइल लॉन्च साइट और माइन बिछा रहीं थी


US-Iran Conflict (तेहरान) : अमेरिका और ईरान के बीच पिछले छह सप्ताह से चल रहे युद्ध विराम और परमाणु समझौते की चर्चाओं के बीच, अमेरिकी सेना ने अचानक ईरान पर हमला कर दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला ईरानी नौकाओं पर किया गया। अमेरिकी सेना ने बताया कि यह कार्रवाई अपने सैनिकों और युद्धपोतों की सुरक्षा के लिए की गई।


हालांकि, इस कदम के कारण दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, ईरानी बलों की गतिविधियाँ अमेरिकी सैनिकों और जहाजों के लिए खतरा बन रही थीं। इसी कारण से, अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में एक सीमित लेकिन सटीक कार्रवाई की। सेंटकॉम के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि यह हमला आत्मरक्षा में किया गया और संयम भी बरता गया।


हमले की विस्तृत जानकारी आना अभी बाकी

अमेरिका का दावा है कि ईरानी नौकाएं होर्मुज जलडमरूमध्य के पास समुद्र में माइन बिछाने का प्रयास कर रही थीं। इसके अलावा, कुछ मिसाइल लॉन्च साइटों को भी सक्रिय किया जा रहा था। अमेरिकी सेना ने इन्हें संभावित खतरा मानते हुए निशाना बनाया। हालांकि, हमले में कितना नुकसान हुआ, इसकी पूरी जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।


अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम के दौरान भी पहले कई बार तनावपूर्ण घटनाएं हो चुकी हैं। मई की शुरुआत में भी अमेरिकी सेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। उस समय अमेरिका ने आरोप लगाया था कि ईरान ने उसके युद्धपोतों पर मिसाइल, ड्रोन और छोटी नौकाओं से हमला करने की कोशिश की थी।


ट्रंप ने फिर दिया बड़ा बयान

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के संवर्धित यूरेनियम को लेकर भी एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान का न्यूक्लियर डस्ट यानी संवर्धित यूरेनियम या तो अमेरिका को सौंपा जाएगा ताकि उसे नष्ट किया जा सके, या फिर ईरान के साथ मिलकर उसी जगह पर खत्म किया जाएगा। ट्रंप ने संकेत दिए कि दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बातचीत अच्छे तरीके से चल रही है। वहीं, ईरान ने भी माना है कि कई मुद्दों पर सहमति बनी है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों के बार-बार बदलते रुख से बातचीत जटिल हो रही है।