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अमेरिका ने वेनेजुएला से निकाला हाईली एनरिच्ड यूरेनियम

अमेरिका ने हाल ही में वेनेजुएला से 13.5 किलो हाईली एनरिच्ड यूरेनियम को निकाला है, जो कई वर्षों से एक पुराने रिसर्च रिएक्टर में रखा हुआ था। यह ऑपरेशन अमेरिका, वेनेजुएला, ब्रिटेन और IAEA के सहयोग से किया गया। इस प्रक्रिया को सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच संबंधों में हाल के समय में बदलाव आया है, जिसमें कमर्शियल फ्लाइट्स का पुनः आरंभ होना और दूतावास का फिर से खुलना शामिल है। जानें इस ऑपरेशन के पीछे की पूरी कहानी।
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अमेरिका ने वेनेजुएला से निकाला हाईली एनरिच्ड यूरेनियम

यूरेनियम का स्थानांतरण


यूरेनियम का स्थानांतरण
अमेरिका ने वेनेजुएला से 13.5 किलो हाईली एनरिच्ड यूरेनियम को हटा लिया है, जो कि कई वर्षों से एक पुराने रिसर्च रिएक्टर में रखा हुआ था। यह जानकारी अमेरिका ने शुक्रवार को साझा की, जिसमें बताया गया कि यूरेनियम को कराकास के निकट एक स्थान से निकाला गया और सुरक्षित तरीके से अमेरिका भेजा गया।


सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण ऑपरेशन

यह ऑपरेशन अमेरिका, वेनेजुएला, ब्रिटेन और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के सहयोग से किया गया। अमेरिकी ऊर्जा विभाग के अनुसार, यूरेनियम को जमीन और समुद्र के रास्ते अमेरिका भेजा गया है, जहां इसे साउथ कैरोलाइना के सवाना रिवर परमाणु साइट पर प्रोसेस किया जाएगा।


नेशनल न्यूक्लियर सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (NNSA) ने बताया कि यह ऑपरेशन दक्षिण अमेरिका और अमेरिका की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। एजेंसी ने कहा कि वेनेजुएला का RV-1 रिसर्च रिएक्टर कई दशकों तक न्यूक्लियर रिसर्च के लिए उपयोग में रहा, और 1991 में रिसर्च बंद होने के बाद भी वहां हाईली एनरिच्ड यूरेनियम रखा गया।


मिशन की निगरानी

NNSA के डिप्टी एडमिनिस्ट्रेटर डॉ. मैट नेपोली ने इस मिशन की निगरानी के लिए वेनेजुएला का दौरा किया। उन्होंने बताया कि टीम के अनुभव के कारण यह ऑपरेशन सफल रहा। IAEA ने भी इस ऑपरेशन की पुष्टि की और इसे जटिल और संवेदनशील बताया। NNSA ने 1996 से अब तक दुनिया के विभिन्न देशों से 7,350 किलो से अधिक हाईली एनरिच्ड यूरेनियम और प्लूटोनियम को हटाने या सुरक्षित करने का कार्य किया है।


अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्तों में बदलाव

हाल के महीनों में अमेरिका और वेनेजुएला के बीच संबंधों में बदलाव आया है। CIA के निदेशक जॉन रैटक्लिफ सहित कई अमेरिकी अधिकारी वेनेजुएला का दौरा कर चुके हैं। इसके अलावा, सात साल बाद दोनों देशों के बीच कमर्शियल फ्लाइट्स भी शुरू हुई हैं और अमेरिकी दूतावास को फिर से खोला गया है।


वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में से एक है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका अब वहां ऊर्जा और खनन क्षेत्र में अपने कारोबार को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, हालांकि कुछ लोकतंत्र समर्थक समूह इस नीति की आलोचना कर रहे हैं।