अमेरिका में ईरान के समर्थकों पर सख्त कार्रवाई
विदेशी नागरिकों के ग्रीन कार्ड रद्द
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों का 37वां दिन
वॉशिंगटन में, अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ चल रहे हमलों का आज 37वां दिन है। जब यह संघर्ष शुरू हुआ, तब शायद अमेरिका को यह नहीं पता था कि यह इतना लंबा चलेगा और इसके परिणामस्वरूप उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। इस युद्ध में नाटो और अन्य सहयोगी देशों का समर्थन न मिलने से अमेरिकी राष्ट्रपति की नाराजगी बढ़ गई है।
अमेरिका ने उन सैकड़ों लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है जिन्होंने हाल ही में ईरान के समर्थन में प्रदर्शन किया।
विदेश मंत्रालय की कार्रवाई
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने ईरान सरकार का समर्थन करने के आरोप में कुछ विदेशी नागरिकों के ग्रीन कार्ड रद्द कर दिए हैं। इसके बाद, उन्हें अमेरिकी इमिग्रेशन और कस्टम्स इंफोर्समेंट (आईसीई) ने हिरासत में लिया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरान के पूर्व जनरल कासेम सोलैमानी की भतीजी हमिदेह सोलैमानी अफशार और उनकी बेटी को हिरासत में लिया गया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अफशार अमेरिका में रहते हुए ईरानी सरकार का प्रचार करती थीं और अमेरिकी सैनिकों पर हमलों का समर्थन करती थीं।
कार्रवाई का कारण
विदेश मंत्रालय ने बताया कि अफशार ने सोशल मीडिया पर ईरान के सैन्य संगठन आईआरजीसी का समर्थन किया और अमेरिका के खिलाफ बयान दिए। उनके पति को भी अमेरिका में प्रवेश से रोक दिया गया है। उल्लेखनीय है कि कासेम सोलैमानी को जनवरी 2020 में बगदाद हवाई अड्डे पर अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया था।
पिछली कार्रवाई का संदर्भ
इस महीने की शुरुआत में, अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने फातिमाह अरदेशीर-लरीजानी और उनके पति सेयेद कलांतर मोतमेदी का भी ग्रीन कार्ड रद्द किया। ये दोनों अब अमेरिका में नहीं हैं और भविष्य में अमेरिका आने से भी रोक दिए गए हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
रुबियो ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि अमेरिका उन विदेशी नागरिकों को अपने देश में रहने की अनुमति नहीं देगा जो आतंकवाद समर्थक सरकारों का समर्थन करते हैं। यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है।
