अमेरिका में वैज्ञानिकों की संदिग्ध मौतें और लापता होने की घटनाएं: व्हाइट हाउस की जांच
व्हाइट हाउस की जांच पर सवाल
नई दिल्ली: अमेरिका में न्यूक्लियर और स्पेस रिसर्च से जुड़े वैज्ञानिकों की संदिग्ध मौतों और लापता होने के मामलों ने व्हाइट हाउस को सवालों के घेरे में ला दिया है। 2023 से अब तक ऐसे 10 मामले सामने आए हैं, जिनमें वैज्ञानिक या अधिकारी लापता हो गए हैं या संदिग्ध परिस्थितियों में मरे हैं। हाल ही में एक और वैज्ञानिक की संदिग्ध मौत ने इन घटनाओं को महज संयोग मानने की संभावना को कम कर दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि उनका प्रशासन इन रहस्यमयी मौतों और लापता होने की घटनाओं की जांच करेगा। उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि यह सिर्फ एक संयोग होगा, लेकिन हमें अगले डेढ़ सप्ताह में सच्चाई का पता चल जाएगा। यह गंभीर मामला है।”
जांच की व्यापकता
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने भी इस मामले में जांच की गंभीरता को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि व्हाइट हाउस, एफबीआई और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर सभी मामलों की गहन समीक्षा कर रहा है, ताकि किसी संभावित संबंध या समानता का पता लगाया जा सके। हालांकि, अधिकारियों ने अब तक इन घटनाओं के बीच किसी ठोस संबंध की पुष्टि नहीं की है, लेकिन घटनाओं का समय और संबंधित वैज्ञानिकों का उन्नत अनुसंधान क्षेत्रों से जुड़ा होना कई सवाल खड़े करता है।
संदिग्ध मौतों का विवरण
रिपोर्टों के अनुसार, यूएफओ रिसर्च से जुड़ी वैज्ञानिक एस्क्रिडेज की 11 जून 2022 को अलबामा के हंट्सविले में 34 वर्ष की उम्र में मौत हो गई थी। प्रारंभिक जानकारी में इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन इस मामले में सीमित जानकारी ही सार्वजनिक की गई है। मिसौरी से रिपब्लिकन सांसद एरिक बर्लिसन ने कहा कि उनका कार्यालय पिछले एक साल से इन “असामान्य” घटनाओं पर नजर रखे हुए है। उनका मानना है कि इन वैज्ञानिकों का गायब होना या मौत उनके पास मौजूद संवेदनशील एयरोस्पेस, रक्षा और यूएफओ से जुड़ी जानकारी से संबंधित हो सकता है। उन्होंने चीन, रूस या ईरान जैसे देशों की संभावित संलिप्तता की आशंका भी जताई।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रभाव
बर्लिसन के अनुसार, कुछ वैज्ञानिक अचानक गायब हो गए और अपने सभी उपकरण घर पर ही छोड़ गए, जो सामान्य घटना नहीं मानी जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि इन वैज्ञानिकों को गायब होने या मौत से पहले धमकियां मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इन लगातार सामने आ रही घटनाओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा और वैज्ञानिक समुदाय दोनों में चिंता पैदा कर दी है। अब सभी की नजरें व्हाइट हाउस की आगामी जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
