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अमेरिकी नौसेना ने उत्तरी सागर में रूसी तेल टैंकर पर किया कब्जा

अमेरिकी नौसेना ने उत्तरी सागर में रूसी ध्वज वाले तेल टैंकर मेरिनेरा पर नियंत्रण कर लिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब रूस ने जहाज की सुरक्षा के लिए अपने नौसैनिक बलों को तैनात करने का प्रयास किया। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और अमेरिका के द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में।
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अमेरिकी नौसेना ने उत्तरी सागर में रूसी तेल टैंकर पर किया कब्जा

अमेरिकी कार्रवाई का विवरण

नई दिल्ली: संयुक्त राज्य अमेरिका ने उत्तरी सागर में रूसी ध्वज वाले तेल टैंकर मेरिनेरा को अपने नियंत्रण में ले लिया है। अमेरिकी नौसेना और तटरक्षक बल पिछले दो हफ्तों से इस जहाज की निगरानी कर रहे थे। यह कदम तब उठाया गया जब रूस ने जहाज की सुरक्षा के लिए अपने नौसैनिक बलों को तैनात करने का प्रयास किया था।


टकराव से बचने की स्थिति

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जब अमेरिकी तटरक्षक बल ने टैंकर पर कब्जा किया, उस समय आसपास कोई रूसी नौसैनिक जहाज नहीं था, जिससे दोनों देशों की सेनाओं के बीच संभावित टकराव से बचा जा सका। रूस की सरकारी मीडिया एजेंसी ने टैंकर की ओर बढ़ते एक हेलीकॉप्टर की तस्वीरें साझा की हैं। रॉयटर्स ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि अमेरिकी बल जहाज पर चढ़कर उसे अपने नियंत्रण में लेने की कार्रवाई कर रहे थे।


टैंकर का नाम और इतिहास

इस तेल टैंकर का पूर्व नाम बेला-1 था, जिस पर अमेरिका ने 2024 में प्रतिबंध लगाए थे। प्रतिबंधों के बाद इसका नाम बदलकर मेरिनेरा कर दिया गया। रिपोर्टों के अनुसार, यह टैंकर ईरान से वेनेजुएला की ओर जा रहा था। अमेरिका ने वेनेजुएला के समुद्री क्षेत्र में कई रूसी और सहयोगी देशों के तेल टैंकरों पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। इन प्रतिबंधों से बचने के प्रयास में टैंकर ने अपना मार्ग बदला और अटलांटिक महासागर की ओर लौट गया था।


पिछली रोकने की कोशिश

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दिसंबर 2025 में भी अमेरिकी सेना ने इस टैंकर को वेनेजुएला के पास रोकने का प्रयास किया था, लेकिन उस समय चालक दल ने जहाज पर चढ़ने के प्रयास को विफल कर दिया था।