अमेरिकी शुल्क का भारत की अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव: गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट
अर्थव्यवस्था पर अमेरिकी शुल्क का प्रभाव
अर्थव्यवस्था के लिए अमेरिकी शुल्क और विदेशी निवेशकों का रुख महत्वपूर्ण
बिजनेस डेस्क: भारतीय अर्थव्यवस्था ने हाल के महीनों में वैश्विक स्तर पर सभी को आश्चर्यचकित किया है। जबकि अधिकांश देशों को व्यापारिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, भारत ने इस दौरान उल्लेखनीय विकास दर हासिल की है। हाल ही में गोल्डमैन सैक्स द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भविष्य में अमेरिकी टैरिफ भारत की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। पिछले वर्ष भारत ने जीएसटी सुधार जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाकर वैश्विक आर्थिक झटकों से अपनी अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखा, लेकिन भविष्य में यह संभव नहीं हो सकता। रिपोर्ट में अमेरिका द्वारा भारत पर और अधिक टैरिफ लगाने की चेतावनी भी दी गई है।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विकास दर का अनुमान
गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट में 2026 के लिए भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 6.7 प्रतिशत और 2027 के लिए 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि हाल के वर्षों में निजी क्षेत्र का पूंजीगत खर्च, जो विकास को बढ़ावा देने में सहायक होता है, वह सुस्त रहा है। इसके अलावा, अमेरिका के टैरिफ ने 2025 में पूंजीगत व्यय पर नकारात्मक प्रभाव डाला है।
केंद्र सरकार का जीडीपी विकास दर का अनुमान
नए साल की शुरुआत के साथ, केंद्र सरकार ने देश की जीडीपी विकास दर पर चर्चा करते हुए इसके वृद्धि अनुमान को बढ़ा दिया है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी राष्ट्रीय आय के पहले अग्रिम अनुमानों के अनुसार, यह वृद्धि मुख्य रूप से विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन से होगी।
इस तेजी के पीछे घरेलू उद्योगों के अच्छे परिणाम, कृषि की बेहतर पैदावार और जीएसटी सुधारों के बाद के सकारात्मक बदलाव मुख्य कारण हैं। इसी कारण से सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी के अनुमानों को बढ़ा दिया है। अग्रिम अनुमानों के अनुसार, 2025-26 में जीडीपी में 7.4 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। सरकार द्वारा जारी आंकड़े देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी का स्पष्ट संकेत देते हैं।
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