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अमेरिकी सेना के प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज ने अचानक लिया रिटायरमेंट

अमेरिकी सेना के प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज ने अचानक रिटायरमेंट लेकर सेना में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। पेंटागन ने इस निर्णय की पुष्टि की है, लेकिन इसके पीछे की वजहें स्पष्ट नहीं हैं। इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि उसे अमेरिका के साथ समझौता कर लेना चाहिए। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी विमानों को निशाना बनाने का दावा किया है। जानें इस संघर्ष के ताजा घटनाक्रम के बारे में।
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अमेरिकी सेना के प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज ने अचानक लिया रिटायरमेंट

अमेरिकी सेना में महत्वपूर्ण बदलाव


पेंटागन के प्रवक्ता ने दी जानकारी, कहा, अमेरिकी सेना के चीफ आॅफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज ने अपने पद से तुरंत प्रभाव से रिटायरमेंट ले लिया


वॉशिंगटन से मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे संयुक्त हमलों का आज 35वां दिन है। पहले दिन ही अमेरिकी सेना ने ईरान को भारी नुकसान पहुंचाया था, जिसमें ईरान के सुप्रीम नेता सहित कई अन्य सैन्य अधिकारियों की मौत हुई थी। हालांकि, इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की है। अमेरिका को यह नहीं पता था कि यह संघर्ष इतना लंबा चलेगा। इसी बीच, अमेरिकी सेना में एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है।


पेंटागन ने पुष्टि की है कि जनरल रैंडी जॉर्ज, जो सेना के 41वें चीफ आॅफ स्टाफ थे, ने अपने पद से तुरंत प्रभाव से रिटायरमेंट ले लिया है। इस निर्णय की जानकारी पेंटागन के प्रवक्ता ने दी। हालांकि, उनके अचानक रिटायरमेंट के कारणों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। इस घटनाक्रम के बाद अमेरिकी सेना में नए नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।


डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान को अमेरिका के साथ समझौता कर लेना चाहिए, वरना स्थिति और बिगड़ सकती है। ट्रंप ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें ईरान के करज क्षेत्र में हुए कथित अमेरिका-इजराइल हमले को दिखाया गया है। इस वीडियो के माध्यम से उन्होंने ईरान पर दबाव बनाने का प्रयास किया है।


ईरानी राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया

ट्रंप की चेतावनी पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि अस्पतालों और दवा बनाने वाली कंपनियों पर हमले का क्या मतलब है। उन्होंने इसे मानवता के खिलाफ अपराध करार दिया और विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से इस पर प्रतिक्रिया देने की अपील की।


ईरान का अमेरिकी विमानों पर हमला

ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने जॉर्डन के अल-अजराक एयरबेस पर मौजूद अमेरिकी लड़ाकू विमानों को ड्रोन हमले से निशाना बनाया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, भविष्य में खाड़ी देशों के कुछ महत्वपूर्ण ठिकाने भी निशाने पर हो सकते हैं, जिनमें कुवैत, सऊदी अरब और अबू धाबी शामिल हैं। इसके अलावा, बगदाद में भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जहां अमेरिकी लॉजिस्टिक्स सेंटर को ड्रोन से निशाना बनाया गया है।