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अयोध्या में रामनवमी पर सूर्य देव का अद्भुत तिलक

रामनवमी के अवसर पर अयोध्या में एक ऐतिहासिक घटना घटी, जब सूर्य देव ने भगवान श्रीराम का राजतिलक किया। इस अद्भुत दृश्य ने हजारों भक्तों को आनंदित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस क्षण का अनुभव किया और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। जानें इस चमत्कार के पीछे का विज्ञान और आस्था का संगम।
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अयोध्या में रामनवमी पर सूर्य देव का अद्भुत तिलक

अयोध्या का ऐतिहासिक दिन

अयोध्या: रामनवमी के अवसर पर अयोध्या में एक ऐतिहासिक और भाग्यशाली दिन का अनुभव हुआ। भव्य राम मंदिर में एक अद्वितीय दृश्य देखने को मिला, जब सूर्य देव ने भगवान श्रीराम का राजतिलक किया। इस दिव्य 'सूर्य तिलक' को देखकर मंदिर में उपस्थित हजारों भक्त खुशी से झूम उठे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अद्भुत क्षण का अनुभव करते हुए वर्चुअल माध्यम से रामलला के सूर्य तिलक के दर्शन किए और देशवासियों को इस पावन पर्व की शुभकामनाएं दीं।


सूर्य का चमत्कार

बदले मौसम के बीच ठीक 12 बजे हुआ चमत्कार

रामनवमी के दिन अयोध्या में भगवान राम के जन्मोत्सव की तैयारियां अपने चरम पर थीं। सुबह से मौसम में बदलाव था, लेकिन ठीक 11:50 बजे सूर्य देव ने आसमान में अवतरण किया। दोपहर 12 बजे सूर्य की किरणें रामलला के ललाट पर पड़ीं और अगले पांच मिनट तक उनका 'सूर्य तिलक' होता रहा। इस अद्भुत दृश्य ने राम जन्मोत्सव के उल्लास को कई गुना बढ़ा दिया। रामलला और उनके परिवार के समक्ष बधाई गान का आयोजन हुआ, जहां साधु-संत और भक्त भक्ति में लीन होकर झूमते नजर आए। इस सुखद क्षण को हर किसी तक पहुंचाने के लिए मंदिर परिसर और बाहर बड़ी एलईडी स्क्रीनें लगाई गई थीं।


पीएम मोदी की शुभकामनाएं

पीएम मोदी ने दी रामनवमी की बधाई

इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि त्याग, तप और संयम से भरे मर्यादा पुरुषोत्तम का जीवन हमें हर परिस्थिति का सामना करने की प्रेरणा देता है। पीएम मोदी ने कहा कि भगवान राम के आदर्श अनंतकाल तक मानवता के मार्गदर्शक बने रहेंगे। उन्होंने कामना की कि रामलला की कृपा से सबका कल्याण हो और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की सिद्धि का मार्ग प्रशस्त हो सके।


सूर्य तिलक: विज्ञान और आस्था का संगम

विज्ञान और आस्था का महासंगम है 'सूर्य तिलक'

रामलला के मस्तक पर सूर्य की किरणों का यह अभिषेक वास्तव में विज्ञान और आस्था का अनूठा संगम है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 22 जनवरी 2024 को भव्य राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली रामनवमी पर भी यह सूर्य तिलक कराया था। प्रधानमंत्री मोदी की इस अभिलाषा को हकीकत में बदलने का श्रेय देश के शीर्ष वैज्ञानिकों को जाता है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निर्देश पर सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) रुड़की, भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (आईआईए) बेंगलुरु और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के विशेषज्ञों की एक विशेष टीम ने इस जटिल वैज्ञानिक प्रक्रिया को सफल बनाया था।