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अरुणाचल प्रदेश में दो जलविद्युत परियोजनाओं को मिली मंजूरी, 40,000 करोड़ का निवेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने अरुणाचल प्रदेश में दो प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा, जिससे राज्य में बिजली उत्पादन और बुनियादी ढांचे में सुधार होगा। कालई-II और कमला हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स से स्थानीय विकास और रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद है। जानें इन परियोजनाओं के बारे में विस्तार से।
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अरुणाचल प्रदेश में दो जलविद्युत परियोजनाओं को मिली मंजूरी, 40,000 करोड़ का निवेश

जलविद्युत परियोजनाओं का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने बुधवार को अरुणाचल प्रदेश में दो महत्वपूर्ण जलविद्युत परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। इन परियोजनाओं में कुल 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा, जिससे राज्य में बिजली उत्पादन, बुनियादी ढांचे और रोजगार के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण परिवर्तन की उम्मीद है.


कालई-II हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट

पहली परियोजना कालई-II हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट है, जिसे अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में लोहित नदी पर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना की लागत 14,105.83 करोड़ रुपये होगी और इसे पूरा करने में लगभग 78 महीने का समय लगेगा। 1200 मेगावाट की क्षमता वाले इस प्रोजेक्ट से हर साल लगभग 4852.95 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन की उम्मीद है। यह लोहित बेसिन की पहली हाइड्रो परियोजना होगी, जो राज्य में बिजली आपूर्ति को मजबूत करने के साथ-साथ राष्ट्रीय ग्रिड के संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.


टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की भागीदारी

इस परियोजना को टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड और अरुणाचल प्रदेश सरकार के संयुक्त उपक्रम के माध्यम से लागू किया जाएगा। केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट के लिए सड़कों, पुलों और ट्रांसमिशन लाइन जैसे बुनियादी ढांचे के विकास हेतु 599.88 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान करेगी, साथ ही राज्य की इक्विटी हिस्सेदारी के लिए 750 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता भी दी जाएगी। इस परियोजना से राज्य को 12 प्रतिशत मुफ्त बिजली मिलेगी, जबकि 1 प्रतिशत बिजली स्थानीय क्षेत्र विकास कोष (एलएडीएफ) के लिए निर्धारित की जाएगी.


कमला हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट

इसके अतिरिक्त, कैबिनेट ने कमला हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है, जिसकी क्षमता 1720 मेगावाट है और इस पर 26,069.50 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह परियोजना अरुणाचल प्रदेश के कामले, क्रा दादी और कुरुंग कुमेय जिलों में विकसित की जाएगी और इसे पूरा करने में लगभग 96 महीने का समय लगेगा। इस प्रोजेक्ट से हर साल लगभग 6870 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन की संभावना है.


बुनियादी ढांचे का विकास

कमला परियोजना को एनएचपीसी लिमिटेड और अरुणाचल प्रदेश सरकार के संयुक्त उपक्रम के तहत लागू किया जाएगा। केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट में बाढ़ नियंत्रण के लिए 4743.98 करोड़ रुपये और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 1340 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान करेगी। इसके अलावा, राज्य को यहां भी 12 प्रतिशत मुफ्त बिजली और 1 प्रतिशत एलएडीएफ के लिए आवंटन मिलेगा.


स्थानीय विकास में योगदान

इन दोनों परियोजनाओं से अरुणाचल प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास होगा। कालई-II प्रोजेक्ट के तहत लगभग 29 किलोमीटर सड़कों और पुलों का निर्माण किया जाएगा, जबकि कमला प्रोजेक्ट में करीब 196 किलोमीटर सड़क और पुल विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही अस्पताल, स्कूल और बाजार जैसी आवश्यक सुविधाओं का भी निर्माण होगा, जिससे स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिलेगा.


आर्थिक विकास की दिशा में कदम

सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से न केवल बिजली उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी। साथ ही, यह परियोजनाएं पूर्वोत्तर भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी.