अलीगढ़ में ईद नमाज को लेकर भाजपा सांसद का विवादित बयान
सांसद सतीश गौतम का बयान
अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से भाजपा सांसद सतीश गौतम के एक बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने शहर के नुमाइश मैदान में ईद की नमाज की अनुमति और नमाजियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की मांग पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इस दौरान उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह इस मांग को लेकर तीखे शब्दों में अपनी बात रखते हुए दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में सांसद यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि सरकार पहले से ही मुसलमानों को कई योजनाओं का लाभ दे रही है। उन्होंने कहा, “इनको मकान, राशन, सिलेंडर... सरकार की हर सुविधा का सबसे ज्यादा लाभ इन्हीं लोगों को मिल रहा है, फिर और क्या चाहिए?” सतीश गौतम ने यह भी कहा कि शहर में पहले से ही मुसलमानों की संख्या काफी है और समाजवादी पार्टी के शासनकाल में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण भी हुआ है। ऐसे में नुमाइश मैदान में ईद की नमाज की मांग उन्हें उचित नहीं लगती।
सांसद ने लाउडस्पीकर पर अजान को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सुबह चार बजे से मस्जिदों में लाउडस्पीकर पर अजान शुरू हो जाती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई और परीक्षाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उनका कहना था कि इस पर भी नियंत्रण होना चाहिए।
“मुसलमान अब क्या हमारी छाती पर चढ़ेंगे?”
ये अलीगढ़ से BJP सांसद सतीश गौतम हैं. इनका कहना है कि जो जो सुबह सुबह ईदगाह से हों- हों होने लगता है, इसे बंद कराना चाहिए.
मुसलमान सरकारी व्यवस्थाओं का सबसे ज्यादा फायदा मुसलमान ले रहे हैं. pic.twitter.com/LcKKTkT8pF
— Priya singh (@priyarajputlive) March 16, 2026
ज्ञात हो कि एआईएमआईएम (AIMIM) के स्थानीय नेताओं ने शहर की बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए नुमाइश मैदान में ईद की नमाज कराने की अनुमति मांगी है। पार्टी के जिलाध्यक्ष यामीन खान अब्बासी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर यह मांग उठाई। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाएगी, इसलिए नुमाइश मैदान को वैकल्पिक स्थान के रूप में उपलब्ध कराया जाए।
अब्बासी का कहना है कि शहर की ईदगाहों में नमाज के दौरान जगह कम पड़ जाती है। इस मांग के साथ ही नमाजियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कराने की भी अपील की गई है, जिस पर अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।
