अल्ट्रावॉयलेट लाइट: विज्ञान और इसके रहस्यों की खोज
अल्ट्रावॉयलेट लाइट का परिचय
नई दिल्ली: अल्ट्रावॉयलेट लाइट, जिसे यूवी किरणें भी कहा जाता है, विद्युत चुंबकीय तरंगों का एक विशेष प्रकार है। इसकी तरंगदैर्ध्य दृश्य प्रकाश से कम होती है, जिससे यह मानव आंखों के लिए अदृश्य रहती है। हालांकि, कुछ जीव जैसे मधुमक्खियां और भंवरे इसे देख सकते हैं।
यूवी लाइट का महत्व
यूवी लाइट का अध्ययन न केवल हमारी त्वचा की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह ब्रह्मांड की गहराइयों को समझने में भी सहायक है। सूरज की रोशनी में मौजूद ये अदृश्य किरणें जीवन के लिए आवश्यक हैं, लेकिन अत्यधिक संपर्क से हानि भी पहुंचा सकती हैं। वैज्ञानिक इनका अध्ययन कर रहे हैं ताकि पृथ्वी और ब्रह्मांड को बेहतर तरीके से समझा जा सके।
सूरज का यूवी लाइट का स्रोत
सूरज यूवी लाइट का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत है। वैज्ञानिक इसे तीन श्रेणियों में बांटते हैं: यूवी-ए, यूवी-बी और यूवी-सी। इनमें से यूवी-सी सबसे खतरनाक होती है, लेकिन पृथ्वी का वायुमंडल इन्हें लगभग पूरी तरह से अवशोषित कर लेता है। यूवी-बी किरणें त्वचा में जलन का कारण बन सकती हैं, जबकि ओजोन परत लगभग 95 प्रतिशत इन्हें रोक देती है। यूवी-ए किरणें त्वचा में गहराई तक पहुंचकर उम्र बढ़ने का कारण बन सकती हैं।
यूवी लाइट के विभिन्न प्रकार
खगोलज्ञ यूवी लाइट को और भी बारीकी से वर्गीकृत करते हैं, जैसे नियर यूवी (एनयूवी), मिडिल यूवी (एमयूवी), फार यूवी (एफयूवी) और एक्सट्रीम यूवी (ईयूवी)। नासा के सोलर डायनेमिक्स ऑब्जर्वेटरी ने सूरज की एक्सट्रीम यूवी इमेज ली है, जिसमें विभिन्न रंग सूरज की गर्म प्लाज्मा गैसों के तापमान को दर्शाते हैं। लाल रंग लगभग 60 हजार डिग्री सेल्सियस को दर्शाता है, जबकि नीला और हरा रंग एक मिलियन डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान को दिखाते हैं।
यूवी लाइट की खोज
यूवी लाइट की खोज 1801 में जर्मन वैज्ञानिक जोहान रिटर ने की थी। उन्होंने देखा कि फोटोग्राफिक पेपर नीली रोशनी में जल्दी काला हो जाता है। जब उन्होंने बैंगनी रंग से परे की रोशनी में पेपर रखा, तो वह तेजी से काला हो गया, जिससे यह सिद्ध हुआ कि बैंगनी से परे भी ऊर्जा मौजूद है। पृथ्वी का वायुमंडल उच्च-ऊर्जा वाली यूवी किरणों को रोकता है, इसलिए वैज्ञानिक उपग्रहों का उपयोग करके सूरज और अन्य तारों से आने वाली यूवी रोशनी का अध्ययन करते हैं।
नए तारों का अध्ययन
नए बने तारे ज्यादातर यूवी लाइट में चमकते हैं। नासा के गैलेक्स मिशन ने एम81 गैलेक्सी की यूवी इमेज ली, जिसमें नए तारों के बनने के क्षेत्र स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। नासा के अल्ट्रावॉयलेट इमेजिंग टेलिस्कोप ने एस्ट्रो-2 मिशन के दौरान तीन गैलेक्सी की तस्वीरें लीं। यूवी लाइट में नए, भारी और गर्म तारे चमकते हैं, जबकि दृश्य प्रकाश में पुराने, ठंडे तारे अधिक दिखाई देते हैं। इससे वैज्ञानिक गैलेक्सी के विकास और तारों के जन्म-मृत्यु के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करते हैं।
