असम में बच्चों की सेहत पर खतरा: रीठा खाने से 13 बच्चे बीमार
जोरहाट में बच्चों की तबियत बिगड़ी
जोरहाट : असम के जोरहाट जिले के बोर सोयकोट्टे चाय बागान में रविवार को वॉशनट, जिसे रीठा भी कहा जाता है, खाने के कारण 13 बच्चे बीमार पड़ गए। रीठा एक प्राकृतिक फल है, जिसमें सैपोनिन नामक तत्व होता है, जो पानी में झाग उत्पन्न करता है। इसे आमतौर पर कपड़े धोने, बाल धोने और सफाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
खेलते समय बच्चों ने खाया रीठा
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बच्चे शनिवार शाम खेलते समय रीठा खा गए। शुरुआत में उन्हें हल्की परेशानी हुई, लेकिन रात होते-होते उनकी स्थिति बिगड़ गई। परिजनों की शिकायत पर बच्चों को चाय बागान के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गंभीर हालत में बच्चों का इलाज
बच्चों की स्थिति में सुधार न होने पर रविवार सुबह सभी 13 बच्चों को जोरहाट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (JMCH) भेजा गया। अधीक्षक मानब गोहैन ने बताया कि तीन बच्चों की हालत गंभीर है और उन्हें ICU में भर्ती किया गया है, जबकि बाकी 10 बच्चों की स्थिति फिलहाल स्थिर है।
रीठा खाने से स्वास्थ्य समस्याएं
डॉक्टरों के अनुसार, रीठा खाने से बच्चों में उल्टी, पेट दर्द और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हुई हैं। अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को आश्वस्त किया है कि इलाज में कोई कमी नहीं की जा रही है और सभी आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
प्रशासन की चेतावनी
घटना के बाद, स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बच्चों को जंगली फलों या अन्य प्राकृतिक वस्तुओं से दूर रखें और इसके संभावित खतरों के बारे में जागरूक करें।
