असम में बीजेपी की नई सरकार: अजंता नियोग बनीं पहली महिला वित्त मंत्री
असम में बीजेपी की तीसरी बार सरकार
असम में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर तीसरी बार सरकार बनाई है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। नई कैबिनेट में बीजेपी के साथ-साथ सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व मिला है। असम गण परिषद के अध्यक्ष अतुल बोरा और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के विधायक चरन बोरो ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। दोनों नेता पहले भी एनडीए सरकार में मंत्री रह चुके हैं। पूर्व मंत्री रणजीत कुमार दास को असम विधानसभा में स्पीकर पद के लिए एनडीए का उम्मीदवार बनाया गया है। इस बार चर्चा का केंद्र अजंता नियोग हैं, जो असम सरकार की पहली महिला वित्त मंत्री बनी हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
अजंता नियोग का जन्म 1964 में गुवाहाटी में हुआ था। उनका परिवार लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहा है। उनकी मां रेबती दास जालुकबारी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुकी हैं, जबकि उनके पति नागेन नियोग भी राज्य सरकार में मंत्री थे। अजंता ने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से एमए, एलएलबी और एलएलएम की पढ़ाई की। उच्च शिक्षा के बाद उन्होंने गुवाहाटी हाईकोर्ट में वकालत शुरू की और एक सफल वकील के रूप में अपनी पहचान बनाई।
दुखद परिस्थितियों में राजनीति में प्रवेश
अजंता नियोग की राजनीति में एंट्री एक दुखद घटना के बाद हुई। 1966 में उनके पति नागेन नियोग की एक उग्रवादी हमले में हत्या कर दी गई थी, जिसमें कुल आठ लोगों की जान गई थी। पति की मृत्यु के बाद, उन्होंने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने का निर्णय लिया और कांग्रेस पार्टी के साथ अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। 2001 में उन्होंने गोलाघाट विधानसभा सीट से पहली बार विधायक के रूप में जीत हासिल की।
गोलाघाट सीट पर लगातार जीत
अजंता नियोग ने गोलाघाट सीट पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई और लगातार चुनाव जीतती रहीं। उन्होंने 2001, 2006, 2011 और 2016 में कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की। 2011 का चुनाव उनके राजनीतिक करियर का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है, जब उन्होंने 46 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की। इस कारण उन्हें असम की सबसे मजबूत महिला नेताओं में गिना जाने लगा।
बीजेपी में शामिल होकर बदले समीकरण
2020 में विधानसभा चुनाव से पहले, अजंता नियोग ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया। उनके इस निर्णय ने असम की राजनीति में बड़ा बदलाव लाया। हालांकि पार्टी बदलने के बावजूद उनकी लोकप्रियता पर कोई असर नहीं पड़ा और उन्होंने 2021 का चुनाव भी शानदार अंतर से जीता। अब 2026 में विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने लगातार छह बार जीत दर्ज कर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की है।
असम सरकार की अनुभवी नेता
अजंता नियोग को प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक क्षमता के लिए जाना जाता है। वह लंबे समय तक विधायक रहने वाली असम की सबसे वरिष्ठ महिला नेताओं में से एक हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि नई सरकार में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाली है।
