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अहमदाबाद में धार्मिक कार्यक्रम के बाद 100 लोग बीमार, स्वास्थ्य विभाग सक्रिय

अहमदाबाद के राजपुरा गांव में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान नाश्ता खाने के बाद लगभग 100 लोग बीमार पड़ गए। स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रभावित लोगों की जांच की और अस्पताल में भर्ती किया। डॉक्टरों ने बताया कि सभी मरीजों की स्थिति स्थिर है। प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। इस घटना के पीछे फूड पॉइजनिंग का संदेह जताया जा रहा है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है।
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अहमदाबाद में धार्मिक कार्यक्रम के बाद 100 लोग बीमार, स्वास्थ्य विभाग सक्रिय

अहमदाबाद में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान बीमार हुए लोग


अहमदाबाद: गुरुवार को एक अधिकारी ने जानकारी दी कि अहमदाबाद जिले के एक गांव में आयोजित धार्मिक समारोह के दौरान परोसे गए नाश्ते के सेवन के बाद लगभग 100 लोग अचानक बीमार पड़ गए। यह घटना राजपुरा गांव में हुई, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे। कार्यक्रम में लोगों को 'सेव-खमानी' नामक स्थानीय नाश्ता दिया गया था।


नाश्ता खाने के कुछ घंटों बाद, कई लोगों को उल्टी, पेट दर्द और दस्त जैसी समस्याएं होने लगीं। देर रात और गुरुवार की सुबह के शुरुआती घंटों में स्थिति बिगड़ने पर 96 व्यक्तियों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि सभी मरीजों की स्थिति अब स्थिर है और चिंता की कोई बात नहीं है।


डॉक्टरों की रिपोर्ट

डॉक्टर ने क्या बताया?


जिला महामारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. चिंतन देसाई ने कहा कि अस्पताल में भर्ती 96 लोगों में से 38 अभी भी उपचाराधीन हैं, जबकि अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि सभी मरीजों की स्थिति नियंत्रण में है और उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।


स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्या लिया एक्शन?


घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत गांव पहुंची और स्थिति का आकलन किया। टीम ने गांव में जांच अभियान शुरू किया और प्रभावित व्यक्तियों के संपर्क में आए अन्य ग्रामीणों की भी जांच की। लगभग 214 लोगों को एहतियात के तौर पर दवा दी गई, जिन्होंने वही नाश्ता खाया था लेकिन उनमें अभी तक कोई लक्षण नहीं दिखे थे।


बीमारी का कारण

क्या थी इसकी वजह?


इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग को भी सूचित किया गया है। अधिकारियों ने नाश्ते और पानी के नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं, ताकि बीमारी के सही कारण का पता लगाया जा सके। प्रारंभिक तौर पर इसे फूड पॉइजनिंग का मामला माना जा रहा है, लेकिन अंतिम पुष्टि रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।


इस घटना के बाद ग्रामीणों में डर और चिंता का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और स्वच्छता का ध्यान रखने की अपील की है।