आंध्र प्रदेश में ओएनजीसी गैस रिसाव: क्या है स्थिति और प्रशासन की तैयारी?
गैस रिसाव से हड़कंप
सोमवार को आंध्र प्रदेश के अंबेडकर कोनासीमा जिले में एक गंभीर औद्योगिक घटना ने क्षेत्र में हलचल मचा दी। तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) के एक ठेकेदार द्वारा संचालित तेल कुएं से गैस का रिसाव होने के बाद अचानक आग लग गई। इस घटना ने आस-पास के गांवों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया।
ओएनजीसी के अधिकारी की प्रतिक्रिया
ओएनजीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। फिर भी, प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गैस इतनी तेजी से फैली कि यह घने कोहरे की तरह दिखाई देने लगी और जल्द ही रिहायशी इलाकों में पहुंच गई। गैस की तीखी गंध ने ग्रामीणों में भय पैदा कर दिया।
प्रशासन की सुरक्षा उपाय
सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। आसपास के घरों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। मौके पर पुलिस, अग्निशामक और राजस्व विभाग की टीमें तैनात की गईं।
जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब तेल कुएं में उत्पादन अचानक रुक गया था और मरम्मत का कार्य चल रहा था। इस दौरान, कच्चे तेल के साथ बड़ी मात्रा में गैस तेज दबाव के साथ बाहर निकल आई। हवा के रुख के कारण गैस पास के गांवों की ओर तेजी से फैल गई।
स्थानीय प्रशासन की सक्रियता
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने ओएनजीसी अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद, राजोले सर्कल इंस्पेक्टर नरेश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की। अधिकारी स्थिति पर नजर रख रहे हैं और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की जा रही है।
फिलहाल, गैस रिसाव के कारणों और इससे हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। ओएनजीसी की तकनीकी टीम हालात को नियंत्रित करने में जुटी हुई है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की प्रतिक्रिया
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। उन्होंने राजोले विधानसभा क्षेत्र के मलिकिपुरम मंडल में ओएनजीसी ड्रिलिंग साइट की स्थिति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। मंत्रियों ने उन्हें बताया कि स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है और राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
