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आईआईएम इंदौर करेगा वैभव सूर्यवंशी पर अध्ययन

आईआईएम इंदौर ने क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी पर एक अनोखे अध्ययन की योजना बनाई है, जिसमें खेल मनोविज्ञान और प्रबंधन के विशेषज्ञ उनकी सफलता के रहस्यों का पता लगाएंगे। यह अध्ययन युवा खिलाड़ियों की असाधारण उपलब्धियों के पीछे के सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कारकों को समझने का प्रयास करेगा। वैभव ने एक ही सीजन में 72 छक्के जड़कर नया रिकॉर्ड बनाया है, जिससे उनकी क्रिकेट यात्रा को और भी रोचक बना दिया है।
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आईआईएम इंदौर करेगा वैभव सूर्यवंशी पर अध्ययन

वैभव की सफलता का अध्ययन


यह अध्ययन देश की पहली मल्टी-डिसिप्लिनरी स्टडी होगी


इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट इंदौर, क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की सफलता के रहस्यों का पता लगाने के लिए एक विशेष अध्ययन करेगा। इस अध्ययन में खेल मनोविज्ञान और प्रबंधन के विशेषज्ञ मिलकर वैभव की सफलता के सूत्रों को खोजेंगे। यह पहली बार है जब किसी खिलाड़ी पर इस तरह का अध्ययन किया जा रहा है।


इस अध्ययन में खेल, मनोविज्ञान और प्रबंधन के क्षेत्र के विशेषज्ञ एक साथ मिलकर काम करेंगे ताकि युवा खिलाड़ियों की असाधारण सफलता के पीछे के कारणों को समझा जा सके। आईआईएम के निदेशक प्रोफेसर हिमांशु रॉय ने बताया कि यह अध्ययन केवल वैभव की उपलब्धियों का विश्लेषण नहीं करेगा, बल्कि उन सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, पारिवारिक और संस्थागत कारकों को भी समझेगा जो युवा प्रतिभाओं को आकार देने में मदद करते हैं।


वैभव की क्रिकेट यात्रा

प्रो. राय ने कहा कि वैभव की क्रिकेट यात्रा अद्भुत है। इसमें व्यक्तिगत क्षमता के साथ-साथ कड़ी मेहनत, परिवार का समर्थन और मेंटर का योगदान भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा एक उपहार हो सकती है, लेकिन इसे स्थायी उत्कृष्टता में बदलने के लिए सही मूल्य, संतुलित सोच और मजबूत समर्थन की आवश्यकता होती है।


मैनेजमेंट फैकल्टी की डॉ. आरती चोपड़ा ने कहा कि वैभव पर यह अध्ययन भविष्य के प्रबंधकों और नीति-निर्माताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। 5.7 फीट की ऊंचाई और 55 किलो वजन के साथ, वैभव अपनी तेज बैट स्पीड और सही टाइमिंग के कारण गेंद को बाउंड्री के पार भेजते हैं।


एक सीजन में 72 छक्के

राजस्थान रॉयल्स के इस सलामी बल्लेबाज ने एक ही सीजन में 72 छक्के जड़कर क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। उनकी इस शानदार बल्लेबाजी ने खेल जगत को प्रभावित किया है, और इसी कारण आईआईएम इंदौर अब उनके सफलता के सूत्रों को समझने की कोशिश कर रहा है।