आकाशवाणी के 90 वर्ष पूरे होने पर जालंधर में वॉकाथॉन का आयोजन
आकाशवाणी का 90वां वर्षगांठ समारोह
जालंधर: आकाशवाणी की स्थापना के 90 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राष्ट्रीय लोक प्रसारक के जालंधर केंद्र ने आज एक वॉकाथॉन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में सैकड़ों श्रोताओं, स्टाफ सदस्यों, एंकरों और प्रस्तुतकर्ताओं ने भाग लिया।
आकाशवाणी पंजाब के क्लस्टर हेड और उप महानिदेशक (डीडीजी) रणजीत मीणा तथा दूरदर्शन जालंधर के डीडीजी आरके जारंगल ने समाचार और कार्यक्रम प्रमुखों के साथ मिलकर वॉकाथॉन को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस वॉकाथॉन को आकाशवाणी एफएम स्टूडियो से लाइव प्रसारित किया गया। श्रोताओं, पूर्व कर्मचारियों और अन्य लोगों ने ऑन एयर अपने अनुभव साझा किए, जबकि एफएम स्टूडियो में एंकरों ने चुनिंदा गीत प्रस्तुत किए। जैसे ही युवा एंकर और प्रस्तुतकर्ता विभिन्न गीतों की धुनों पर थिरके, वॉकाथॉन और भी जीवंत हो गया।
‘बहुजन हिताय - बहुजन सुखाय’ के अपने महान आदर्शों के अनुरूप, जिसका अर्थ है “बहुतों के कल्याण के लिए, बहुतों की खुशहाली के लिए”, राष्ट्रीय प्रसारक पिछले नौ दशकों से 591 केंद्रों के माध्यम से विभिन्न कार्यक्रमों और समाचार बुलेटिनों द्वारा देश को सूचना, शिक्षा और मनोरंजन प्रदान कर रहा है, जिससे भारत की 98 प्रतिशत आबादी तक पहुंच बनती है।
8 जून 1936 को इंडियन स्टेट ब्रॉडकास्टिंग सर्विस का नाम बदलकर ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) रखा गया था। यह ऐतिहासिक दिन देश के सांस्कृतिक, सूचना और प्रसारण इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण को दर्शाता है, जब एक ऐसी आवाज़ का जन्म हुआ जो पीढ़ियों तक गूंजती रहेगी।
स्वतंत्रता के बाद एआईआर का तेजी से विस्तार हुआ और 1956 में इसने “आकाशवाणी” नाम अपनाया। यह राष्ट्र की एक ऐसी विरासत है जो आने वाली पीढ़ियों तक जीवित रहेगी।
