आगरा में पुलिस की बर्बरता: युवक के नाखून खींचने का मामला
आगरा में पुलिस की बर्बरता का मामला
आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में पुलिस द्वारा की गई बर्बरता का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। छत्ता थाना क्षेत्र की जीवनी मंडी पुलिस चौकी में एक युवक को बंधक बनाकर न केवल बेरहमी से पीटा गया, बल्कि उसके पैरों के नाखून भी प्लास से खींच लिए गए। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने पर डीसीपी सिटी ने चौकी इंचार्ज रविंद्र राजपूत को तुरंत निलंबित कर दिया है।
छोटी सी बात पर मिली 'तालिबानी' सजा
इस विवाद की शुरुआत एक साधारण सी बात से हुई। बताया गया है कि चौकी प्रभारी ने युवक से उसे ऑटो में थाने तक छोड़ने के लिए कहा था। जब युवक ने ऐसा करने से मना कर दिया, तो पुलिसकर्मी गुस्से में आ गए। आरोप है कि उन्होंने युवक को उठाकर चौकी ले जाकर बंधक बना लिया।
नाखून खींचने और लाठियों की बौछार
पीड़ित युवक ने अपनी आपबीती सुनाते हुए पुलिस की क्रूरता का वर्णन किया। उसने कहा कि चौकी के अंदर एक सिपाही ने उसके पैरों को पकड़ा और चौकी प्रभारी ने उसके तलवों पर लाठियों से प्रहार किया। इतनी जोरदार मार पड़ी कि दो डंडे टूट गए। इसके बाद भी जब पुलिसकर्मियों का मन नहीं भरा, तो उन्होंने प्लास मंगवाकर युवक के नाखून खींच लिए। युवक दर्द से चिल्लाता रहा, लेकिन पुलिसकर्मियों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। अंत में, पुलिस ने उल्टा पीड़ित युवक के खिलाफ 'शांति भंग' की धाराओं में चालान कर दिया।
DCP ने की सस्पेंशन और जांच के आदेश
जब यह मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया, तो पुलिस महकमे की छवि को नुकसान पहुंचा। डीसीपी सिटी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच का आदेश दिया। प्रारंभिक जांच में चौकी प्रभारी रविंद्र राजपूत को दोषी पाया गया, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि किसी भी नागरिक के साथ ऐसी बर्बरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की गहराई से जांच के लिए विभागीय इंक्वायरी शुरू की गई है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
