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आगरा में भूमाफिया ने मंदिर की जमीन पर किया कब्जा, पूजा पर भी लगाई रोक

आगरा में भूमाफिया शोभिक गोयल ने एक पुरानी मंदिर की जमीन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा कर लिया है और स्थानीय लोगों को पूजा करने से रोक दिया है। शिकायतों के बावजूद, पुलिस और प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। योगेश महाजन नामक एक स्थानीय निवासी भी अपनी जमीन के लिए संघर्ष कर रहा है, जिस पर गोयल ने कब्जा कर रखा है। मुख्यमंत्री को भी इस मामले में शिकायत की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि गोयल ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से मंदिर की संपत्ति को बेचने का प्रयास किया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
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आगरा में भूमाफिया ने मंदिर की जमीन पर किया कब्जा, पूजा पर भी लगाई रोक

भूमाफिया का मंदिर पर कब्जा

आगरा। योगी आदित्यनाथ के शासन में हिंदू आस्था से खिलवाड़ करने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। लेकिन आगरा का भूमाफिया शोभिक गोयल हिंदू आस्था को नुकसान पहुंचाने में लगा हुआ है। उसने एक पुरानी मंदिर की जमीन पर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से कब्जा कर लिया है और लोगों को पूजा करने से भी रोक दिया है। शिकायतों के बावजूद, इस भूमाफिया के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे वह लगातार सनातन धर्म का अपमान कर रहा है। पहले भी इस पर फर्जी डिग्री बनाने और जमीनों पर कब्जा करने के गंभीर आरोप लग चुके हैं। अब उसने मंदिर की भूमि पर भी कब्जा कर लिया है।


पूजा अर्चना पर रोक

भूमाफिया शोभिक गोयल ने मंदिर की जमीन पर कब्जा करने के बाद वहां पूजा अर्चना पर भी रोक लगा दी है। स्थानीय लोग इसकी शिकायत पुलिस और प्रशासन से करते रहे हैं, लेकिन शोभिक गोयल के प्रभाव के आगे न तो पुलिस ने कोई कार्रवाई की है और न ही प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान लिया है। इस प्रकार, वह मंदिर की जमीन पर कब्जा बनाए हुए है और उसे बेचने का काम भी शुरू कर चुका है। ज्ञात हो कि, आरोपी ने पहले से ही फर्जी दस्तावेजों के जरिए मंदिर की जमीन पर कब्जा किया हुआ है। अब वह लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहा है।


योगेश महाजन की जमीन पर भी कब्जा

शोभिक गोयल ने आगरा के नार्थ अर्जुनगर, शाहगंज निवासी योगेश महाजन की जमीन पर भी कब्जा कर लिया है। योगेश महाजन अपनी जमीन के लिए कई वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन आरोपी अपनी राजनीतिक रसूख के चलते उस जमीन पर भी कब्जा बनाए हुए है। इसके खिलाफ हो रही शिकायतों को नजरअंदाज करते हुए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी शोभिक गोयल का ही समर्थन करते हैं। आरोपी की फर्जी डिग्री और जमीन घोटाले की शिकायतें लगातार की जा रही हैं, फिर भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।


मुख्यमंत्री को की गई शिकायत

आवास विकास कॉलोनी सिकन्दरा योजना के निवासी उदय प्रताप सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर शिकायत की थी। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि प्रार्थीगण उक्त मंदिर श्री राधाकृष्ण जी महाराज में सेवा पूजा करने वाले और उसमें आस्था रखने वाले लोग हैं। यह मंदिर 1958 में विद्यावती देवी द्वारा स्थापित किया गया था। इस मंदिर में महादवे और बालाजी महाराज के मंदिर भी हैं, जिनमें स्थानीय लोगों की गहरी आस्था है। लेकिन अब इस मंदिर में आम नागरिकों को पूजा करने से रोका जा रहा है।


फर्जी दस्तावेजों का मामला

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया गया कि विद्यावती देवी ने 22-10-1958 को श्री राधाकृष्ण मूर्ति की स्थापना की थी। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि उन्होंने 28-10-1958 को पंजीकृत दान पत्र के माध्यम से मंदिर की संपत्ति को विक्रय और रहन के लिए उपयोग में नहीं लाने का स्पष्ट निर्देश दिया था। इसके अलावा, विद्यावती देवी ने 08.07.1980 को एक नियुक्ति पत्र भी लिखा था, जिसमें उन्होंने राधा कृष्ण महाराज ट्रस्ट के प्रबंधक नियुक्त किए थे।


भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग

पत्र में आरोप लगाया गया है कि विद्यावती देवी का निधन 04.11.1986 को हुआ था। इसके बाद, उनके तीन भाइयों ने अपंजीकृत फर्जी स्मृति पत्र तैयार किया और मंदिर की संपत्ति को बेचने का प्रयास किया। आरोप है कि उन्होंने आगरा के एक प्रसिद्ध बिल्डर से इस जमीन का सौदा किया और फर्जी दस्तावेजों के जरिए ट्रस्ट की जमीन को शोभिक गोयल को बेच दिया।