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आगरा में सीएम ग्रिड योजना की पहली बारिश में खुली पोल, सड़कों का हुआ बुरा हाल

आगरा में मुख्यमंत्री के नाम पर शुरू की गई 'सीएम ग्रिड योजना' की पहली बारिश ने इसकी असलियत को उजागर कर दिया। करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़कें ध्वस्त हो गईं, जिससे क्षेत्र में भारी समस्याएं उत्पन्न हुईं। गड्ढों में गाड़ियां फंस गईं और स्थानीय लोग परेशान हो गए। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और मरम्मत के निर्देश दिए। जानें इस योजना की पूरी कहानी और इसके पीछे की लापरवाही के बारे में।
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आगरा में सीएम ग्रिड योजना की पहली बारिश में खुली पोल, सड़कों का हुआ बुरा हाल

सीएम ग्रिड योजना की विफलता

आगरा: मुख्यमंत्री के नाम पर शुरू की गई 'सीएम ग्रिड योजना' की असलियत पहली बारिश में ही सामने आ गई है। करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़कें सोमवार रात हुई बारिश में पूरी तरह से ध्वस्त हो गईं। बसई मंडी से इंद्रापुरम और अमर होटल तक की निर्माणाधीन सड़कें तीन से चार फीट तक धंस गईं, जिससे पूरा क्षेत्र दलदल में तब्दील हो गया।


गड्ढों में फंसी गाड़ियां

पानी भरे गड्ढों में समाईं गाड़ियां

आगरा में सीएम ग्रिड योजना की पहली बारिश में खुली पोल, सड़कों का हुआ बुरा हाल

सड़कों पर दो फीट तक पानी भर जाने के कारण वाहन चालक गड्ढों का सही अंदाजा नहीं लगा सके और 12 कारें और वैन गहरे गड्ढों में पलट गईं। एक वैगन-आर पलटने से उसमें सवार तीन लोग घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों ने शीशा तोड़कर बाहर निकाला। इसके अलावा, बिजली फॉल्ट ठीक करने जा रही टोरंट पावर की मरम्मत वैन और नगर निगम की कचरा गाड़ियां भी इस दलदल में फंस गईं, जिन्हें शाम तक हाइड्रा मशीनों की मदद से बाहर निकाला गया।


90 करोड़ के बजट की योजना की पोल

90 करोड़ के बजट की 90 दिन में खुली पोल

इस स्थिति ने अधिकारियों के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बसई मंडी से अमर होटल तक की सड़क को लगभग 90.21 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। यह काम मात्र 90 दिन पहले शुरू हुआ था, जिसमें 10 फीट गहराई पर सीवर और पानी की लाइनें दबाकर केवल मिट्टी-गिट्टी डाली गई थी, जो पहली बारिश में ही बैठ गई। इस लापरवाही के कारण इलाके के लगभग ढाई लाख लोग कठिनाई का सामना कर रहे हैं।


नमामि गंगे योजना में भी लापरवाही

नमामि गंगे प्रोजेक्ट में भी बड़ी लापरवाही

आगरा में सीएम ग्रिड योजना की पहली बारिश में खुली पोल, सड़कों का हुआ बुरा हाल

सीएम ग्रिड योजना के अलावा, ताजमहल के पास पुरानी मंडी से शाहजहां पार्क के बीच 'नमामि गंगे योजना' के तहत बिछाई गई सीवर लाइन भी धंस गई, जिससे सड़क पर 15 फीट चौड़े और 8 फीट गहरे गड्ढे बन गए। आवास विकास सेक्टर-4 में सीवर लीकेज के कारण एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जमीन में समा गई, जिससे पानी की 18 इंच मुख्य पाइपलाइन फट गई और पूरे क्षेत्र में पानी का हाहाकार मच गया।


जिम्मेदार अधिकारियों की प्रतिक्रिया

बैकफुट पर आए जिम्मेदार अधिकारी

हादसे के बाद नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य और चीफ इंजीनियर अरविंद श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने स्वीकार किया कि बारिश ने काम को प्रभावित किया है और उन्होंने ठेकेदारों को तुरंत मरम्मत कराने और गड्ढों को भरकर यातायात को सुरक्षित करने के सख्त निर्देश दिए हैं।