आदि कैलाश यात्रा 2023: तीन मार्गों से शुरू होगी तीर्थयात्रा
कुमाऊं में आदि कैलाश यात्रा का आगाज
कुमाऊं: प्रसिद्ध आदि कैलाश यात्रा 8 मई से आरंभ होने जा रही है। कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) द्वारा आयोजित इस तीर्थयात्रा का संचालन इस बार तीन विभिन्न स्थानों से किया जाएगा। श्रद्धालु हल्द्वानी, टनकपुर और धारचूला से इस यात्रा में भाग ले सकेंगे। यह यात्रा भारत और विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आध्यात्मिक संतोष और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती है।
यात्रा की शुरुआत और कार्यक्रम
KMVN के महाप्रबंधक विनीत तोमर ने जानकारी दी कि यात्रा का पहला समूह 8 मई को हल्द्वानी से प्रस्थान करेगा। यह यात्रा आठ दिनों की होगी, जिसमें श्रद्धालुओं को पिथौरागढ़, धारचूला, ओम पर्वत और आदि कैलाश के दर्शन कराए जाएंगे। वापसी के दौरान तीर्थयात्री चौकोड़ी, पाताल भुवनेश्वर, गंगोलीहाट, जागेश्वर, अल्मोड़ा, कैंची धाम और भीमताल होते हुए हल्द्वानी लौटेंगे।
दूसरी और तीसरी यात्रा की जानकारी
कब होगी दूसरी और तीसरी यात्रा?
दूसरा जत्था 9 मई को टनकपुर से रवाना होगा, जिसकी अवधि छह दिन होगी। इस मार्ग पर यात्रियों को सीधे आदि कैलाश तक ले जाया जाएगा। तीसरा जत्था 10 मई को धारचूला से शुरू होगा। इस वर्ष, कुल 15 अलग-अलग समूहों के लिए यह तीर्थयात्रा आयोजित की जाएगी।
यात्रा की सुविधाएं और बुकिंग
KMVN के अनुसार, तीर्थयात्रा के दौरान यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं जैसे कि आवास, भोजन और स्थानीय परिवहन प्रदान किया जाएगा। इच्छुक श्रद्धालु KMVN की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।
यात्रा का किराया
कितना है तीर्थयात्रा का किराया?
आदि कैलाश यात्रा के लिए किराया विभिन्न स्थानों से यात्रा शुरू होने के आधार पर निर्धारित किया गया है। हल्द्वानी से यात्रा का किराया लगभग ₹45,000, टनकपुर से ₹42,000 और धारचूला से लगभग ₹35,000 है। इस किराए में आवास, भोजन और स्थानीय परिवहन जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
यात्रा के प्रारंभिक स्थान
किन-किन जगहों से शुरु होगी यात्रा?
इस वर्ष, भक्तों के लिए तीर्थयात्रा तीन अलग-अलग स्थानों से आरंभ होगी। हल्द्वानी से यात्रा 8 मई को शुरू होगी और यह आठ दिनों तक चलेगी। टनकपुर से यात्रा 9 मई को शुरू होगी और छह दिनों तक चलेगी। धारचूला से तीर्थयात्रा 10 मई को आरंभ होगी।
