Newzfatafatlogo

आम आदमी पार्टी में बगावत: राघव चड्ढा और सांसदों ने बीजेपी का दामन थामा

आम आदमी पार्टी में हाल ही में एक बड़ी बगावत हुई है, जिसमें राघव चड्ढा और अन्य सांसदों ने बीजेपी में शामिल होने का निर्णय लिया। इस घटनाक्रम के बाद, सर्वणी पिरातला ने एक भावुक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने गद्दारी के खिलाफ अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं। जानें इस बगावत के पीछे की कहानी और सर्वणी का संदेश।
 | 
आम आदमी पार्टी में बगावत: राघव चड्ढा और सांसदों ने बीजेपी का दामन थामा

आम आदमी पार्टी में बगावत का नया मोड़

शुक्रवार को आम आदमी पार्टी में एक महत्वपूर्ण बगावत देखने को मिली, जब राघव चड्ढा के नेतृत्व में सात राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने का निर्णय लिया। इस घटनाक्रम से पहले, पार्टी के पास राज्यसभा में कुल 10 सांसद थे। बीजेपी में शामिल होने वाले सांसदों में राघव चड्ढा के साथ-साथ अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल शामिल हैं।


संदीप पाठक की चर्चा और सर्वणी पिरातला का पत्र

बीजेपी में शामिल होने के बाद, राघव चड्ढा के साथ संदीप पाठक की भी चर्चा हो रही है। संदीप पाठक, जो आईआईटी के पूर्व छात्र हैं, उनके प्रभाव में कई IITan आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। इनमें से एक सर्वणी पिरातला हैं, जो आंध्र प्रदेश से हैं और संदीप पाठक से प्रेरित होकर 'आप' में शामिल हुई थीं।


सर्वणी पिरातला, जो अमेरिका में काम कर रही थीं, ने अपनी नौकरी छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया था। उन्होंने पार्टी को अपनी गाढ़ी कमाई का 5 लाख 12 हजार रुपए दान किया था। हाल ही में, पाठक के बीजेपी में जाने के बाद, उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा की।


सर्वणी पिरातला का भावुक संदेश

सर्वणी ने लिखा, 'मैं आपकी प्रेस कॉन्फ्रेंस सुन रही थी। अगर आप आम आदमी पार्टी के साथ काम नहीं कर सकते थे, तो आपको पार्टी छोड़कर अपने सांसद पद से इस्तीफा देना चाहिए था। बीजेपी में शामिल होना केवल अरविंद केजरीवाल से गद्दारी नहीं है, बल्कि यह 1.4 अरब भारतीयों के साथ भी विश्वासघात है।'


उन्होंने आगे कहा, 'आपके पास किसी दबाव में झुकने का कोई कारण नहीं है। बीजेपी में शामिल होना आपके जीवन के हर दिन का अपमान है। आप जैसे लोगों की इस देश को जरूरत है जो संस्थाओं के सामान्य कामकाज को फिर से शुरू करने के लिए लड़ें।'


राजनीति में गद्दारी का संदेश

सर्वणी ने अपनी पोस्ट में कहा, 'राजनीति की कला न जानना ठीक है, लेकिन गद्दारी करना इसका कोई हल नहीं है। अगर आप आम आदमी पार्टी की अंदरूनी राजनीति बर्दाश्त नहीं कर सकते, तो बीजेपी में टिक पाना आपके लिए मुश्किल होगा।'


उन्होंने अपनी डोनेशन के बारे में भी बताया, जो उन्होंने पिछले मई में AAP छत्तीसगढ़ को दी थी। सर्वणी ने कहा कि वह संदीप पाठक से बहुत प्रेरित थीं और चाहती थीं कि वह जमीन पर वास्तविक बदलाव लाने में सफल हों।