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आरएसएस के 100 साल: 'शतक' फिल्म के माध्यम से इतिहास का जश्न

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने 100 वर्षों की यात्रा का जश्न मनाने के लिए 'शतक' नामक फीचर फिल्म की घोषणा की है। यह फिल्म आरएसएस के इतिहास, उसके योगदान और विकास की कहानी को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करेगी। आशीष मल्ल द्वारा निर्देशित इस फिल्म का निर्माण वीर कपूर कर रहे हैं। 'शतक' में पिछले 100 वर्षों की महत्वपूर्ण घटनाओं को दर्शाया जाएगा, जो न केवल आरएसएस के सदस्यों के लिए, बल्कि आम दर्शकों के लिए भी प्रेरणादायक होगी।
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आरएसएस के 100 साल: 'शतक' फिल्म के माध्यम से इतिहास का जश्न

आरएसएस की शताब्दी का जश्न

मुंबई- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने 100 वर्षों की यात्रा पूरी कर ली है। इस विशेष अवसर को मनाने के लिए एक फीचर फिल्म 'शतक' की आधिकारिक घोषणा की गई है। यह फिल्म आरएसएस के इतिहास, उसके योगदान और विकास की कहानी को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करेगी।


फिल्म का निर्देशन आशीष मल्ल कर रहे हैं, जबकि वीर कपूर इसके निर्माता हैं और आशीष तिवारी सह-निर्माता के रूप में जुड़े हैं। 'शतक' अदा 360 डिग्री एलएलपी द्वारा प्रस्तुत की जा रही है। मेकर्स ने जानकारी दी है कि यह फिल्म इस वर्ष सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म आरएसएस की विचारधारा, सामाजिक कार्यों और राष्ट्रीय योगदान को केंद्र में रखकर बनाई गई है, और यह नई पीढ़ी के लिए संघ के इतिहास को समझने का एक माध्यम बनेगी।


'शतक' में पिछले 100 वर्षों की महत्वपूर्ण घटनाओं, संघर्षों और उपलब्धियों को दर्शाया जाएगा। मेकर्स का मानना है कि यह फिल्म न केवल आरएसएस के सदस्यों के लिए, बल्कि आम दर्शकों के लिए भी प्रेरणादायक साबित होगी।


फिल्म समीक्षक तरण आदर्श ने अपने इंस्टाग्राम पर मोशन पोस्टर के साथ इस फिल्म की घोषणा की। उन्होंने बताया, 'शतक' की घोषणा हो गई है। यह फिल्म आरएसएस के 100 साल के सफर को पर्दे पर लाएगी। आरएसएस ने 100 साल पूरे कर लिए हैं, जो उनके इतिहास का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह फिल्म इस साल रिलीज होगी।


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) एक हिंदू राष्ट्रवादी संगठन है, जिसकी स्थापना 1925 में डॉ. केशवराव बलराम हेडगेवार ने नागपुर में की थी। इसका मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना, राष्ट्रवाद को बढ़ावा देना और सेवा कार्यों के माध्यम से समाज का उत्थान करना है। आरएसएस की शाखाएं पूरे भारत में सक्रिय हैं, जहां शारीरिक व्यायाम, अनुशासन और सांस्कृतिक शिक्षा दी जाती है। संगठन ने आपदा राहत, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।