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आरबीआई की कार्रवाई से पेटीएम के शेयरों में भारी गिरावट

भारतीय रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है, जिससे कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट आई है। इस कदम के बाद निवेशकों में चिंता का माहौल है। हालांकि, पेटीएम की मूल कंपनी ने आश्वासन दिया है कि इसका मौजूदा कमाई पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। जानें इस स्थिति के पीछे की वजह और ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स का क्या कहना है।
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आरबीआई की कार्रवाई से पेटीएम के शेयरों में भारी गिरावट

पेटीएम के निवेशकों में हड़कंप

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा की गई एक महत्वपूर्ण कार्रवाई के चलते पेटीएम के निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया है। सोमवार को बाजार खुलते ही वन 97 कम्युनिकेशंस के शेयरों में तेज गिरावट आई। दरअसल, आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस पूरी तरह से रद्द कर दिया है। इस निर्णय के साथ ही कंपनी की बैंकिंग सेवाओं के पुनः शुरू होने की संभावनाएं समाप्त हो गई हैं। बाजार में भारी बिकवाली के कारण पेटीएम का शेयर 1,077 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जो दिन के सबसे निचले स्तर से लगभग 8 प्रतिशत नीचे था।


लाइसेंस रद्द होने की पृष्ठभूमि

आरबीआई की यह सख्त कार्रवाई अचानक नहीं हुई है। जनवरी 2024 से पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर कई पाबंदियां लागू की गई थीं। पहले से ही नए डिपॉजिट लेने पर रोक लगाई गई थी, जिससे बैंक को अपने संचालन को सीमित करना पड़ा। अब, आरबीआई के इस अंतिम निर्णय ने बैंक के रूप में काम करने की इसकी क्षमता को समाप्त कर दिया है। निवेशकों ने इस रेगुलेटरी कदम पर तुरंत प्रतिक्रिया दी, जिससे शेयरों में भारी गिरावट आई।


कंपनी का बयान

लाइसेंस रद्द होने की खबर के बीच, पेटीएम की मूल कंपनी ने निवेशकों को आश्वस्त करने का प्रयास किया है। कंपनी ने कहा है कि आरबीआई के इस कदम का उनकी मौजूदा कमाई पर कोई महत्वपूर्ण नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। उनका कहना है कि पेमेंट्स बैंक का कारोबार पहले से ही बंद होने की कगार पर था और अब उन्होंने अपने संचालन को एक पार्टनर-आधारित मॉडल में बदल दिया है। इस बदलाव के कारण उन्हें वित्तीय मोर्चे पर बड़े नुकसान की आशंका नहीं है।


ब्रोकरेज फर्म का रुख

पेटीएम पर हुई इस कार्रवाई के बाद, अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने भी अपनी राय दी है। उन्होंने पेटीएम के शेयरों पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग को बरकरार रखा है, लेकिन टारगेट प्राइस को 1,470 रुपये से घटाकर 1,400 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। इसके बावजूद, इस नए टारगेट प्राइस का मतलब है कि पिछली क्लोजिंग कीमत के मुकाबले शेयर में अभी भी लगभग 31 प्रतिशत की बढ़त की संभावना है।


भविष्य की चुनौतियाँ

गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि बैंकिंग लाइसेंस का रद्द होना एक नकारात्मक घटना है, लेकिन इसका सीधा वित्तीय असर पेटीएम के मुख्य कामकाज पर नहीं पड़ेगा। हालांकि, उन्होंने यह चिंता जताई है कि इस कदम से ग्राहकों और व्यापारियों के भरोसे को ठेस पहुंच सकती है, जो भविष्य के लिए एक जोखिम है। फर्म का कहना है कि भले ही यह खबर शेयर पर कुछ समय के लिए दबाव डाले, लेकिन पेटीएम के मुख्य कारोबार की गति और बुनियादी ढांचा अभी भी मजबूत बना हुआ है।