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आरबीआई ने ब्याज दरें स्थिर रखी, महंगाई के अनुमान में वृद्धि

भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में ब्याज दरों को स्थिर रखने का निर्णय लिया है, जबकि महंगाई के अनुमान में वृद्धि की गई है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि वैश्विक तनाव और ईंधन की कीमतों में वृद्धि से आर्थिक विकास दर में कमी आई है। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के सभी निर्णय और उनके प्रभाव।
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आरबीआई ने ब्याज दरें स्थिर रखी, महंगाई के अनुमान में वृद्धि

आरबीआई की मौद्रिक नीति की समीक्षा


मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति की द्विमासिक समीक्षा बैठक के बाद ब्याज दरों में कोई परिवर्तन नहीं करने का निर्णय लिया है। महंगाई की चिंताओं के बावजूद, आरबीआई ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बनाए रखा है। इससे आवास और वाहन ऋण की लागत में वृद्धि नहीं होगी और कर्ज की किस्तें स्थिर रहेंगी। हालांकि, आरबीआई ने 2027 के वित्त वर्ष के लिए महंगाई के अनुमान को 4.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया है।


जीडीपी विकास दर में कमी

आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार, 5 जून को मौद्रिक नीति समिति की बैठक के निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में तनाव और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति में बाधा के कारण आर्थिक विकास दर यानी जीडीपी के अनुमान को घटाया गया है। अब चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी विकास दर का अनुमान 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया गया है।


महंगाई के जोखिम और नीति का रुख

महंगाई के बढ़ते खतरों के बावजूद, मौद्रिक नीति समिति ने अपनी नीति को तटस्थ बनाए रखने का निर्णय लिया है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि खुदरा महंगाई अभी भी निर्धारित लक्ष्य के दायरे में है, लेकिन वैश्विक तनाव के कारण ईंधन की कीमतों में वृद्धि आगे चलकर खुदरा बाजार और आम जनता पर दबाव डाल सकती है। उन्होंने दक्षिण पश्चिम मानसून के दौरान कम बारिश के अनुमान को लेकर भी चिंता व्यक्त की है, जिसका सीधा असर फसल उत्पादन और ग्रामीण मांग पर पड़ सकता है।