इंडिगो एयरलाइन पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना, सख्त कार्रवाई की गई
नई दिल्ली में इंडिगो के लिए संकट
नई दिल्ली: भारत की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो को एक गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। एविएशन रेगुलेटर DGCA ने एयरलाइन पर 22.20 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। जांच में यह सामने आया है कि इंडिगो के खराब प्रबंधन, क्रू सदस्यों के थकाऊ रोस्टर और कमजोर योजना के कारण हजारों यात्रियों को फ्लाइट में देरी और कैंसिलेशन का सामना करना पड़ा।
जांच में सामने आईं गंभीर खामियां
DGCA की जांच में यह पाया गया कि इंडिगो ने मुनाफे के लिए एक अत्यधिक ऑप्टिमाइज्ड मॉडल अपनाया, जिसमें क्रू और विमानों का अत्यधिक उपयोग किया गया। पायलटों और क्रू सदस्यों के ड्यूटी चार्ट को इस तरह से तैयार किया गया कि उनके पास आराम के लिए बहुत कम समय था। ऑपरेशंस में बफर मार्जिन इतना कम था कि यदि एक फ्लाइट में देरी होती, तो इसका प्रभाव पूरे नेटवर्क पर पड़ता। इसी कारण पिछले 15 दिनों में हजारों उड़ानें प्रभावित हुईं।
नियमों की अनदेखी का परिणाम
एयरलाइन ने संशोधित फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों को सही तरीके से लागू करने में असफलता दिखाई। विंटर शेड्यूल 2025 की योजना में संभावित जोखिमों का सही आकलन नहीं किया गया, जिसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ा।
सख्त कार्रवाई का सामना
DGCA ने केवल जुर्माना नहीं लगाया, बल्कि एयरलाइन के शीर्ष अधिकारियों पर भी कठोर कार्रवाई की है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को संकट प्रबंधन में लापरवाही के लिए चेतावनी दी गई है। ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट को उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है और उन्हें भविष्य में किसी भी जिम्मेदार पद पर नहीं रखने का निर्देश दिया गया है।
बैंक गारंटी और सुधार की शर्त
जुर्माने के अलावा, इंडिगो को 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने के लिए कहा गया है। यह गारंटी इंडिगो सिस्टमैटिक रिफॉर्म एश्योरेंस स्कीम (ISRAS) के तहत होगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एयरलाइन भविष्य में अपने सिस्टम में सुधार करेगी।
इंडिगो की खराब परफॉर्मेंस
पिछली रिपोर्टों और DGCA की जांच के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के प्रारंभिक हफ्तों में इंडिगो की परफॉर्मेंस काफी खराब रही। दिसंबर 2025 में इंडिगो की हजारों उड़ानें (लगभग 2,000 से अधिक) देरी से चलीं या कैंसिल हुईं। इसका सबसे बड़ा प्रभाव दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख एयरपोर्ट्स पर देखा गया।
फ्लाइट कैंसिल होने पर यात्रियों के अधिकार
यदि आपकी फ्लाइट कैंसिल होती है, तो आपको सबसे पहले मुफ्त भोजन और जलपान मिलना चाहिए। यदि आपकी फ्लाइट 2 से 4 घंटे (दूरी के आधार पर) लेट होती है, तो एयरलाइन को आपको मुफ्त में खाना और पानी देना अनिवार्य है। इसके अलावा, आपको पूरा रिफंड या वैकल्पिक फ्लाइट भी मिलनी चाहिए। यदि आपकी फ्लाइट अगले दिन के लिए री-शेड्यूल की गई है और आपको रात भर इंतजार करना है, तो एयरलाइन को आपको मुफ्त होटल रूम और एयरपोर्ट से होटल तक जाने-आने का खर्च देना होगा। यदि एयरलाइन ने आपको फ्लाइट कैंसिल होने की सूचना कम से कम 2 हफ्ते पहले नहीं दी है, तो आप ₹5,000 से ₹10,000 तक के मुआवजे (दूरी के आधार पर) के हकदार हो सकते हैं।
